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आईपीएस(IPS) रश्मि शुक्लाअफसर पर नवाब मलिक का आरोप- वह अवैध रूप से फोन टैपिंग करती थीं

आईपीएस(IPS) रश्मि शुक्लाअफसर पर नवाब मलिक का आरोप- वह अवैध रूप से फोन टैपिंग करती थीं

मुंबई:-मनोज दुबे(क्राइम रिपोर्टर)

यहां जानें कौन हैं आईपीएस रश्मि शुक्ला, जो जानती हैं देशमुख के सारे राज

परमबीर सिंह ने अपनी याचिका में कहा, रश्मि शुक्ला ने कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इस बारे में पक्की जानकारी है कि टेलीफोन पर हुई बातचीत सुनने के बाद, तब स्टेट इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट (एसआईडी) की कमिश्नर रहीं रश्मि शुक्ला ने ट्रांसफर-पोस्टिंग में अनिल देशमुख की हरकतों की जानकारी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को दी थी। उन्होंने यह बात महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव को बताई। सिंह ने दावा किया कि देशमुख के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय रश्मि को पद से हटा दिया गया।

कहां हैं रश्मि शुक्ला की पोस्टिंग?
रश्मि शुक्ला और परमबीर सिंह दोनों वर्ष 1988 के आईपीएस बैच से हैं। फिलहाल, रश्मि शुक्ला सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) में एडिशनल डायरेक्टर जनरल (एडीजी) हैं। इससे पहले वे डीजी (सिविल डिफेंस) के पद पर थीं। स्टेट इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट (एसआईडी) की कमिश्नर होने के दौरान उन्होंने अनिल देशमुख को लेकर शिकायत की थी। इससे पहले, वे पुणे पुलिस कमिश्नर का पद भी संभाल चुकी हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को दावा किया कि पुलिस विभाग में तबादले और पोस्टिंग में ‘बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार’ को लेकर खुफिया विभाग की रिपोर्ट पर महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार ने कार्रवाई नहीं की। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग की। उनका दावा है कि खुफिया विभाग ने कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर यह रिपोर्ट दी थी।
पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने दावा किया कि तत्कालीन खुफिया आयुक्त रश्मि शुक्ला द्वारा इजाजत लेकर फोन रिकॉर्ड किए गए थे और कॉल पर की गई बातचीत का ‘6.3 जीबी डेटा’ उनके पास है जिसमें कई अहम पुलिस अधिकारियों के नामों पर चर्चा की गई थी।भाजपा नेता ने कहा कि इन सभी फोन कॉल को राज्य सरकार से उचित अनुमति लेकर शुक्ला ने रिकॉर्ड किया था, लेकिन अगस्त 2020 में मुख्यमंत्री (उद्धव ठाकरे) को रिपोर्ट सौंपने के बावजूद रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा, “मैं इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहा हूं।”
फडणवीस के “6.3 जीबी डेटा” की बातचीत होने के दावे पर पलटवार करते हुए राकांपा के प्रवक्ता और राज्य में मंत्री नवाब मलिक ने कहा, “भाजपा आधे से ज्यादा डेटा को लेकर चिंतित है। फडणवीस द्वारा दी गई जानकारी बड़ी साजिश का हिस्सा है। उनका पूरी तरह से पर्दाफाश हो चुका है।” मलिक ने कहा कि पुलिस प्रतिष्ठान बोर्ड की मंजूरी के बिना किसी भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का तबादला नहीं किया गया है।

गृहमंत्री अनिल देशमुख पे पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के अलावा भी और कई अधिकारियों ने लगाए थे आरोप

देशमुख के गृहमंत्री बनने के बाद परमबीर सिंह से पहले रश्मि शर्मा और मुंबई पुलिस आयुक्त रहे सुबोध जायसवाल (1985 बैच) ने आवाज उठाई थी। जायसवाल अब केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं। उन्हें पिछले साल दिसंबर में सीआईएसएफ का डीजी बनाया गया था। उन्होंने फर्जी स्टैंप घोटाला मामले में एसआईटी का चीफ रहते हुए मुंबई के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर आरएस शर्मा को रिटायरमेंट से एक दिन पहले गिरफ्तार किया था। इस मामले में एनसीपी के ही छगन भुजबल (तत्कालीन गृहमंत्री) पर भी गाज गिरी थी। छगन भुजबल जेल गए और आज फिर से मंत्री हैं। अब मामला अनिल देशमुख और मुंबई पुलिस के बीच का है।

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