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महाराष्ट्र में पुलिस कंप्लेन अथॉरिटी खाली पड़ी हुई है। यहां पुलिस के खिलाफ शिकायतें सुनी जाती है। लेकिन ये विभाग अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है।

महाराष्ट्र में पुलिस कंप्लेन अथॉरिटी खाली पड़ी हुई है। यहां पुलिस के खिलाफ शिकायतें सुनी जाती है। लेकिन ये विभाग अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है।

मुंबई:-मनोज दुबे

पुलिस से परेशान जनता आखिर जाए तो कहां जाए कई मामले ऐसे सामने आते है जहां पुलिस शिकायत कर्ता की सुनती नही शिकायत दर्ज नही करती।शिकायत करने वालो से कुछ पुलिस वाले पैसे की मांग करते है वही पैसे लेकर कई बेगुनाह लोगो को भी फसा देती है।अवैध धंधो और अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले समाज सेवक,पत्रकार, एनजीओ वालो को ही कई बार पुलिस झूठे केस में फस देती है।
पुलिस के भ्रष्टाचार और जुर्म के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले लोग पुलिस को पसंद नही है इस लिए साजिश और सडयंत्र रच के भ्रष्ट पुलिस वाले निर्दोष लोगों पे मामले दर्ज कर देती है।ऐसे ही कई शिकायत मुंबई पुलिस के अधिकारियों पे लगे है जिनके खिलाफ उनके आला अधिकारी कोई कारवाई ना करते हुवे उन्हें बचा लेते है।एक आम जनता द्वारा पुलिस पे पैसे मांगने से लेकर चोरी किये गए माल की रिवकरी खुद जब्त कर लेने महिलाओं से अभद्र व्यवहार करने अवैध धंधे वालो को संरक्षण देने झूठे केस में फसाने जैसे मामले की शिकायत दर्ज है लेकिन उनके वरिष्ठ अधिकारी ऐसे लोगो को बचाते है उनको निलंबित नही करते ना और कोई कारवाई करते है।ऐसे मामलों को देखते हुवे ही पुलिस कंप्लेन ऑथोरिटी का गठन किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के गाइड लाइन पर बनाए गए स्टेट‌ पुलिस कंप्लेन ऑथोरिटी में पुलिस के खिलाफ शिकायत सुनने वाले अधिकारी ही नहीं हैं।  साल 2015 के मई महीने में नए नियम के तहत देश के हर राज्य में पुलिस के खिलाफ आम जनता की शिकायत सुनने के लिए राज्य स्तर पर ऑथोरिटी का गठन किया गया था।
महाराष्ट्र में इस कमिटी का गठन 2017 में किया गया था.  जिसकी मियाद तीन साल तक रखी गई थी। जनवरी 2020 में इसकी मियाद खत्म हो गई. इसमें अब महज गिनती के ही कर्मचारी रह गए है।  पूरा कार्यालय महज कुर्सी, टेबल, कम्प्यूटर से भरा है। लेकिन ना तो कोई शिकायत सुनने वाला है और ना ही पुलिस के खिलाफ आई शिकायतों की जांच करने वाला।
अभी तक कई शिकायतें लंबित भी है।  जिसपर अथॉरिटी को फैसला लेना बाकी है।
महाराष्ट्र के गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल से लोगो को अपेक्षा है कि जल्द से जल्द राज्य पोलीस तक्रार प्राधिकरण महाराष्ट्र राज्य मुंबई चालू किया जाएगा और पुलिस से पीड़ित लोगों को न्याय मिल पायेगा।

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