Entertainment Maharashtra

राज- ए दिल कैसे बताऊँ तुम्हे क्या है, गम-ए दिल कैसे सुनाऊँ तुम्हे क्या है।

राज- ए दिल कैसे बताऊँ तुम्हे क्या है,

गम-ए दिल कैसे सुनाऊँ तुम्हे क्या है।

जया श्रोत्रिय

कैसे बताऊँ तुम्हे…

राज- ए दिल कैसे बताऊँ तुम्हे क्या है, गम-ए दिल कैसे सुनाऊँ तुम्हे क्या है।

गुस्ताखी बताने की मैने कभी की नही, बेचैनी थी दिल में मगर मैने कभी पी नही।

डर था पीने से राज कही खुल जाए न, मासूमियत है जो मेरे अन्दर वो कही छिन जाए न!

राज -ए दिल……
गम……..

वो हादसे जिन्दगी के भुलाने से भी भूलते नही ,
वो सपने थे या हकीकत जो जागकर भी टूटते नही!
सब कुछ छुपा लेने की ताकत हममें आज भी है ,
कुछ न कह पाने की आदत हममें आज भी है!

राज -ए दिल………
गम……..

जिस खाई में हम उतरे वो समुंदर से भी गहरी थी,
जिन उलझनों में हम उलझे वो खुद में ही उलझी थी!
गैरो के आशियानों में, दिल की तुफानो को छुपाया हमने,
किसी को खबर भी नही, कि क्या कुछ दफनाया हमने !

राज ए दिल………
गम……………..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *