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मुंबई की बार गर्ल बनी क्राइम क्वीन १० साल से महिला यात्रियों के सामान चुरा चुराकर खरीद लिया फ्लैट

मुंबई की बार गर्ल बनी क्राइम क्वीन १० साल से महिला यात्रियों के सामान चुरा चुराकर खरीद लिया फ्लैट

आरोपी यास्मीन शेख

मुंबई – इंद्रदेव पांडे

३७ वर्षीय की यास्मीन शेख सालों से ट्रेन यात्रियों के सामान चुरा रही है। रेकॉर्ड्स के मुताबिक, उसके खिलाफ चोरी के कुल ५३ केस दर्ज हैं। मुंबई की यह ‘क्राइम क्वीन’ लगभग १० साल से महिला यात्रियों के सामान चुराती रही है। कहा जा रहा है कि इसी चोरी के दम पर उसने गोवंडी में एक फ्लैट खरीदा है। यही नहीं यास्मीन की बेटी भी बोर्डिंग स्कूल में पढ़ रही है। फिलहाल यास्मीन शेख राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की कस्टडी में है।
बताया गया कि यास्मीन ने अपना करियर बार गर्ल के रूप में शुरू किया था और वह ऐंटॉप हिल में रहती है। महाराष्ट्र में बार पर पाबंदी लगने के बाद यास्मीन ने अपराध की दुनिया में पैर रखा। उसने महिला स्नैचर्स से संपर्क किया और बुर्का पहनकर चोरी शुरू कर दी। दो शादियां कर चुकी यास्मीन के दो बच्चे हैं। उसकी 15 साल की बेटी एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ती है और अपनी मां के साथ नहीं रहती है।

घर से बरामद हुआ लाखों का सोना

एक अधिकारी ने बताया, ‘२६ जनवरी को एक टीचर ने वडाला जीआरपी चौकी में चोरी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि ट्रेन में बुर्का पहने एक महिला उनके पास खड़ी थी, बाद में उनका मंगलसूत्र गायब हो गया।’ सीनियर इन्स्पेक्टर राजेंद्र पाल ने बताया, ‘सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमने यास्मीन शेख की पहचान की। बाद में यास्मीन को गोवंडी स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। उससे पास से लगभग ५.५ तोला सोना बरामद किया गया है।’

हालांकि, पुलिस को भरोसा था कि यास्मीन ने बहुत सारी चीजें छिपा रखी हैं। बाद में जीआरपी टीम ने छापेमारी की तो टिफिन बॉक्स में छिपाए गए कैश और सोने के गहने बरामद हुए। इसके अलावा कई ऐसे मोबाइल भी बरामद हुए जोकि यास्मीन ने चुराए थे। अब तक यास्मीन के पास से लगभग 8 लाख रुपये की चीजें बरामद हो चुकी है। पुलिस को यह भी पता चला है कि फ्लैट खरीदने के लिए यास्मीन 16 लाख रुपये भी दे चुकी है। हालांकि, अभी प्रॉपर्टी उसके नाम पर ट्रांसफर नहीं हुई है।

चोरी के लिए लेती थी बच्चे का सहारा

पुलिस ने बताया कि यास्मीन ट्रेन में छोटे बच्चे के साथ घुसती थी और टार्गेट तय करके खड़ी हो जाती थी। वह ज्यादातर महिलाओं के कोच में ही चढ़ती थी। बच्चे को चुप कराने के बहाने वह महिलाओं के बैग में हाथ डालकर सामान चुरा लेती थी। कई बार कैमरों से बचने के लिए उसने अपने चेहरे के सामने बैग लगा दिया। अब कोर्ट में सुनवाई से पहले उसने परिवार से एक बच्चा लेकर आने को कहा है, जिससे वह सहानुभूति पा सके।

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