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बजट भाषण में सीतारमण ने बताई चाणक्य नीति और सुनाई शायरी

देश की पहली पूर्ण कालिक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में अपना पहला आम बजट पेश किया। अपने बजट अभिभाषण की शुरुआत उन्होंने, यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट भी ले कर चराग जलता है, शायरी से की। 

बजट अभिभाषण में उन्होंने चाणक्य नीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, कार्य पुरुष करे ना लक्ष्यम संपा दायते। अर्थात मानव अगर दृढ़ संकल्प के साथ प्रयास करे तो कार्य जरूर सफल होता है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले आम बजट में वित्त मंत्री ने बताया कि मेक इन इंडिया के तहत जल, जल प्रबंधन, स्वच्छ नदियां, ब्लू इकॉनोमी, अतंरिक्ष कार्यक्रम, गगनयान, चंद्रयान और सेटेलाइट कार्यक्रमों पर खासतौर पर ध्यान दिया गया है।

बता दें कि इससे आम चुनाव के मद्देनजर फरवरी में अंतरिम बजट पेश किया गया था। सरकार बनने के बाद वर्ष 2019-20 के लिए यह पूर्ण बजट पेश किया गया।

वित्त मंत्री का कामकाज संभालने के बाद से ही सीतारमण बजट की तैयारियों में लग गईं थी। हर क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर विभिन्न देशों के राजनयिकों तथा प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से भी मुलाकात की थी।

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