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गुजरात के एक उद्योगपति से पंगा भारी पड़ा भारी उद्योगपति के केंद्र सरकार में अछि पकड़ होने के कारण एक मंत्री के एक फ़ोन कर दिया

गुजरात के एक उद्योगपति से पंगा भारी पड़ा भारी उद्योगपति के केंद्र सरकार में अछि पकड़ होने के कारण एक मंत्री के एक फ़ोन कर दिया

और…… अलग-अलग एजेंसियों के खबरी लगा दिए गए उसी में यह जनवरी, २०१९ में सेनेगल में गिरफ्तार किया गया

> पुजारी को लोकेट करने के बाद आई.पी.एस. जॉइंट सीपी हिमांशु राय ने एफ.बी.आई. से मांगी थी मदत

मुंबई के डीसीपी और जॉइंट सीपी रैंक के दो अधिकारी तब अलग-अलग ट्रिप में दिल्ली भी गए, पर बात बाद में कहां बिगड़ी, इसका पता नहीं चल पाया

मुंबई -इंद्रदेव पांडे

डॉन रवि पुजारी के पिछले महीने भारत डिपोर्ट आने के बाद उससे जुड़े कई किस्से बाहर आ रहे हैं। उसे पिछले साल जनवरी में सेनेगल में गिरफ्तार किया गया था। क्राइम ब्रांच सूत्रों ने बताया कि इस डॉन को सबसे पहले तब लोकेट किया गया था, जब हिमांशु राय मुंबई क्राइम ब्रांच चीफ थे। उस दौरान उन्होंने एक संदिग्ध की कॉल कई दिन तक इंटरसेप्ट की थी, जो रवि पुजारी से सीधे बात कर रहा था। उसी में पुजारी ने उसे डरबन बुलाया। दोनों वहां एक होटल में सात दिन तक ठहरे थे।

राय ने तत्काल यह सूचना केंद्रीय गृह मंत्रालय में कुछ करीबियों तक दिल्ली पहुंचाई थी। बात जब तक अंजाम तक पहुंचती, रवि पुजारी और उसके साथी ने डरबन का वह होटल छोड़ दिया और फिर किसी अज्ञात स्थान पर भाग गए।

इस सूत्र के अनुसार, इस डॉन की एक बार और भी लोकेशन ट्रेस की गई। मुंबई के डीसीपी और जॉइंट सीपी रैंक के दो अधिकारी तब अलग-अलग ट्रिप में दिल्ली भी गए, पर बात बाद में कहां बिगड़ी, इसका पता नहीं चल पाया। इस सूत्र का दावा है कि जॉइंट सीपी रैंक का जो अधिकारी दिल्ली गया था, उसने एफबीआई से भी रवि पुजारी को ट्रैप में लेने के लिए मदद मांगी थी। तब के इस जॉइंट सीपी के एफबीआई में कुछ अच्छे मित्र हैं।

मुंबई में बनती थीं ई-मेल आईडी

डॉन रवि पुजारी की अलग-अलग ई-मेल आईडी मुंबई में बनती थीं। इन्हें बनाने वाला रवि पुजारी को मेल आईडी के साथ-साथ फोन पर इनका पासवर्ड भी लिखवाता था। चूंकि आईडी बनाने वाले को पासवर्ड पता ही रहता था, इसलिए वह रवि पुजारी के लिखे गए हर मेल को पढ़ भी लेता था। उसी प्रक्रिया में एक ऐसा मेल सामने आया, जो पुजारी ने मुंबई के एक रिटायर अडिशनल डीजी को बेहद गालीगलौज हुए किसी को लिखा था। क्राइम ब्रांच ने मेल बनाने वाले इस आरोपी को जब गिरफ्तार किया था, तब उसके बहाने पुजारी की गालीगलौज वाली वह स्क्रिप्ट भी हाथ लगी थी।

गुजरात के उद्योगपति से पंगा भारी पड़ा

भारत डिपोर्ट होने के बाद पिछले महीने कर्नाटक पुलिस को रवि पुजारी को दे दिया गया। वहां उसके खिलाफ ९७ केस दर्ज हैं। कर्नाटक पुलिस का दावा है कि उन्हें मिली टिप की वजह से यह डॉन सेनेगल में पकड़ा गया। पर मुंबई क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने उसकी गिरफ्तारी के पीछे एक दूसरी कहानी बताई। इस अधिकारी के अनुसार, करीब डेढ़ साल पहले सूरत के एक बहुत बड़े उद्योगपति के ऑफिस में रवि पुजारी ने कई दिन तक धमकी भरे फोन किए।

 

उद्योगपति को गुस्सा आ गया इस उद्योगपति की केंद्र सरकार में गुजरात के कुछ नेताओं के बीच अच्छी पहुंच है। उसने इन नेताओं में से किसी एक को फोन कर दिया। इसके बाद इस डॉन के पीछे देश की अलग-अलग एजेंसियों के खबरी लगा दिए गए। उसी में यह जनवरी, २०२० में सेनेगल में गिरफ्तार किया गया

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