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वाधवा परिवार को पिकनिक के लिये खंडाला-महाबलेश्वर का पास देने के चक्कर नपे एडिशनल डिजी पी आई पी एस अमिताभ गुप्ता

आती क्या खंडाला

वाधवा परिवार को पिकनिक के लिये खंडाला-महाबलेश्वर का पास देने के चक्कर में  नपे एडिशनल डिजी पी आई पी एस अमिताभ गुप्ता

> उद्धव ठाकरे ने एडिशनल डीजीपी अमिताभ गुप्ता को तत्काल प्रभाव से अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया

मुंबई – इंद्रदेव पांडे

लॉकडाउन के बीच एचडीआईएल कंपनी के मालिकान वाधवा परिवार के २३ लोग महाबलेश्वर पहुंच गये। और वो भी पुलिस प्रशासन की देखरेख में। भला हो महाबलेश्वर के लोगों का जिन्होंने एकसाथ २३ लोगों के शहर में पहुंचने पर न सिर्फ हंगामा शुरू कर दिया अलबत्ता पुलिस थाने जाकर रिपोर्ट भी दर्ज करा दी। अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गृह विभाग के विशेष सचिव और एडिशनल डीजीपी अमिताभ गुप्ता को तत्काल प्रभाव से अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया है।

इस बात की जानकारी महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने दिया है। अनिल देशमुख ने कहा – मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे जी के साथ चर्चा के बाद श्री अमिताभ गुप्ता, प्रधान सचिव (विशेष) को जांच होने तक तत्काल प्रभाव से अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया गया है। जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जा सके।

आई पी एस अमिताभ गुप्ता

कोरोना संक्रमण को देखते हुए देशभर में लॉकडाउन जारी है। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले हैं और मुंबई तो हॉटस्पॉट बना हुआ है। मुंबई में संक्रमित लोगों का आंकड़ा 1 हजार के ऊपर पहुंच गया है। एक तरफ महाराष्ट्र सरकार लोगों से घरों में रहने की अपील कर रही है लेकिन वहीं दूसरी तरह महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग द्वारा खुद नियमों की धज्जियां उड़ाने का मामाला सामने आया। महाराष्ट्र का गृह विभाग मुंबई के रसूखदार परिवारों पर इतना मेहरबान है कि एक या दो नहीं बल्कि पांच कारों के साथ वाधवा परिवार के काफिले को मुंबई से महाबलेश्वर जाने की इजाजत दे दी।

मुंबई के जाने माने एचडीआईएल, डि एच एफ एल कंपनी के मालिक का परिवार मुंबई के बांद्रा पाली हिल इलाके में रहते हैं। अपने बंगले में परिवार के सदस्य बोर हो रहे थे तो परिवार के सदस्यों ने महाबलेश्वर में छुट्टी मनाने का फैसला किया। वाधवा परिवार के सदस्य, नौकर और बॉडीगॉर्ड सहित २३ लोग चार गाड़ियों के काफिले में महाबलेश्वर रवाना हुए और दोपहर तक महाबलेश्वर पहुंच गए।

दरअसल, वाधवान परिवार जब महाबलेश्वर पहुंचा तो स्थानीय लोगों ने २३ लोगों की भीड़ देखकर इसका विरोध किया और सवाल उठाए कैसे लॉकडाउन के बीच वह महाबलेश्वर पहुंच गए? स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत लोकल पुलिस स्टेशन में की, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच. महाबलेश्वर गए सभी लोगों को हिरासत में लिया गया। फिलहाल वाधवा परिवार के सभी सदस्यों को अलग रखा गया है, परिवार के सदस्यों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग के विशेष सचिव और एडिशनल डीजीपी अमिताभ गुप्ता ने अपने आधिकारिक पत्र पर वाधवा परिवार के सदस्यों को खंडाला और महाबलेश्वर जाने की इजाजत दी। अपने पत्र में अमिताभ गुप्ता ने वाधवा परिवार के पांच गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नंबर का जिक्र किया और उन गाड़ियों में बैठने वाले सदस्यों के नाम का भी जिक्र किया।

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