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धारावी पुलिस थाने की पुलिस निरीक्षक वाणी मैडम ने की पत्रकार से बदसलूकी,बेवजह दे दी जेल में बंद करने की धमकी,झाड़ा वर्दी का रोब!!

धारावी पुलिस थाने की पुलिस निरीक्षक वाणी मैडम ने की पत्रकार से बदसलूकी,बेवजह दे दी जेल में बंद करने की धमकी,झाड़ा वर्दी का रोब!!

अनिल सकपाल-फिलहाल देशसहित पूरे महाराष्ट्र राज्य में कोरोना पैनडयामिक की वजह से स्थिति बहोत बिगड़ी हुई है,पूरे राज्य के हालात भी नाजुक बने हुए है।महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके साथी मंत्रीगण इस स्थिति से उभरकर इस स्थिति पर बखूबी नियंत्रण लाने की कोशिश कर रही है।

कुछ दिनों पहले बांद्रा रेलवे टर्मिनस पर अफवाह के चलते मजदूरों की भारी भीड़ यहां पर उमड़ पड़ी थी,इस अफवाह को फैलानेवालों उपद्रवी समाजकंटकों को इस मामले छानबीन करके गिरफ्तार भी किया गया था।लेकिन यहां उमड़ी हुई मजदूरों की भीड़ को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए हल्का फुल्का लाठिमार पुलिस प्रशासन को करना पड़ा था।लेकिन मजदूरों की लॉकडाउन के चलते रोजगार खत्म होने की समस्या

और उनकी अपने गाँव जैसे यूपी,एमपी,राजस्थान,बिहार,प.बंगाल,जाने की मंशा को देखकर महाराष्ट्र सरकार की तरफ से गंभीरता से इस वाकया का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और मंत्रीगणों में चर्चा होकर महाराष्ट्र में जीवनयापन करनेवाले मजदूरों को उनके होमटाउन में भेजने की सुविधा को मुहैय्या कराते हुए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का आयोजन सोशल डिस्टेन्स के साथ किया गया और २४ मई तक गृहमंत्री अनिल देशमुख के ताजे बयान के मुताबिक अब तक ५२७ श्रमिक रेलवे से ७ लाख ३८ हजार मजदूरों को भेजने के लिए महाराष्ट्र सरकार की तरफ से ८५ करोड़ रुपये की राशी अब तक मुख्यमंत्री फंड से की गई है।

शुरुवात में बिहार,और प.बंगाल राज्य में श्रमिक रेलवे को भेजने में जो दिक्कते आ रही थी वो नीतीश कुमार और ममता बनर्जी के साथ मशवरा करके हल की गई।

चाहे महाराष्ट्र सरकार मजदूरों के हित मे कितने भी निर्णय ले रही है लेकिन ग्राउंड लेवल पर मजदूरो के साथ पुलिस प्रशासन की तरफ से की जा रही मारपिट की वीडियो लगातार सोशल मीडिया और टी.वी चैनलो की सुर्खियां बनी रही है।हाल ही में पालघर में अब तो तहसीलदार सुनील शिंदे ने मजदूरों पर लात बरसानेवाली वीडियो से और बवाल उठा दिया हालांकि सुनील शिंदे को इसके चलते जबरन छुट्टी पर भेजा गया।

ऐसे में अब २४ मई को धारावी में लोकशाही के चौथे स्तंभ पर पुलिस प्रशासन की बदसलूकी का मामला प्रकाश में आया है।ये वाकया धारावी के सायन रेलवे स्टेशन का है जहां से मजदूर अपने गाँव जाने के लिए लाइन में खड़े थे जिसकी व्यवस्था सरकार की तरफ से मुहैया कराई गई थी,और मजदूरों की समस्या और बाकी की जानकारी लेने पहुंचे मुक्त पत्रकार सुधाकर नाडर को स्थानीय पुलिस महकमे के एक पी.आय.वाणी मैडम ने और उनके आदेश पर साथ मे खड़े कॉन्स्टेबलो ने अपमानित किया और साथ ही जेल में बंद करने की अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया।

ऐसे में सवाल यह उपस्थित होता है कि जहां एक तरफ सरकार की तरफ से मजदूरों के प्रति सहानुभूति प्रतीत की जा रही वही दूसरी तरफ ग्राउंड लेवल पर स्थानी पुलिस प्रशासन की तरफ से मजदूर तो मजदूर अब पत्रकारों के साथ भी बदसलूकी के साथ पेश आये है।

पूरी घटना एक वीडियो में कैद हो गयी है,जिसका निषेध भारतीय पत्रकार संघ महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष एम.एस. शेख ने किया है और अब पी.आय.वाणी मैडम पर और कॉन्स्टेबलों पर भी कार्रवाई की मांग की है।

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