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शव की अदला-बदली के चक्कर में पिछले 23 दिनों से अंतिम संस्कार के लिए युवती का

शव की अदला-बदली के चक्कर में पिछले 23 दिनों से अंतिम संस्कार के लिए युवती का


मुंबई – इंद्रदेव पांडेय

नवी मुंबई के मनपा अस्पताल में शवों की अदला-बदली के चक्कर में पिछले 23 दिनों से काजल नामक युवती का शव अपने अंतिम संस्कार के लिए आज भी मनपा अस्पताल में इंतजार कर रही है। वाशी स्थित मनपा अस्पताल की लापरवाही के कारण मृतक युवती के परिजनों को काजल समझकर मुस्लिम युवक का शव दे दिया गया था, जिसका हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। लेकिन यह राज तब खुलकर सामने आई जब मृतक युवक के रिश्तेदारों ने शव की मांग की तो पता चला कि हॉस्पिटल से शव गायब है।

दो-चार दिन माथापच्ची के बाद यह मामला सामने आया कि मृतक युवती के परिजनों को पुरुष का शव दे दिया गया था। हालांकि इस लापरवाही को लेकर मनपा स्वास्थ्य विभाग की जमकर किरकिरी भी हो रही है।

यहां बताते चलें कि 4 मई को दीघा में रहने वाली 17 वर्षीय काजल सूर्यवंशी की पीलिया के कारण मौत हो गई थी। उसे वाशी स्थित मनपा अस्पताल के शवगृह में रख दिया गया था, वहीं उल्वे में रहने वाला वेस्ट बंगाल के कामगार मोहम्मद उमर फारुख शेख (29) की अन्य बीमारी के कारण 9 मई को मौत हो गई थी

जिसे एनआरआई पुलिस की मदद से वाशी स्थित मनपा अस्पताल में यह कहकर भेजा गया था कि कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर शव नही दिया जाएगा अगर रिपोर्ट नेगेटिव आई तो फोन पर सूचना दे दी जाएगी। इसके बाद 14 मई को उमर के रिश्तेदार को सूचना दी गई कि रिपोर्ट नेगेटिव है और शव को ले जाने की सलाह दी गई।16 मई को मृतक के चचेरे भाई अब्दुल करीम एम्बुलेंस का इंतजाम करके शव लेने के लिए मनपा अस्पताल पहुंचा और शव की मांग की। लेकिन शवगृह में उमर का शव नही मिलने से हॉस्पिटल कर्मचारियों के हाँथपाँव फूलने लगे, बाद में अब्दुल को यह कहकर भेज दिया गया था कि हॉस्पिटल के दूसरे कर्मचारी नही हैं इसलिए बाद में आओ उसके बाद दूसरे दिन जब वापस शव लेने पहुंचा तब भी शव का कोई अता पता नही था।

आखिरकार थक हारकर वह वाशी पुलिस स्टेशन पहुंचा तो वहां भी पहले शिकायत नही ली गई थी। बाद में इस मामले का खुलासा हुआ कि मृतक युवती काजल के पिता दशरथ मारुति सूर्यवंशी को काजल की जगह मोहम्मद उमर का शव दे दिया गया था और कोरोना के भय से किसी ने मुंह तक देखने की हिम्मत नही की, उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया था। इस मामले की जानकारी होने के बाद मृतक उमर के रिश्तेदार अभी भी शव लेने की जिद पर अड़े हैं। जबकि वाशी पुलिस ने लापरवाही बरतने के मामले में हॉस्पिटल में शवगृह के सफाईकर्मी सुनील वेलजीभाई वाघेला एवं मृतक लड़की के पिता दशरथ सूर्यवंशी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

 

वहीं पिछले कई दिनों से मृतक लड़की के पिता अपनी बच्ची का अंतिम संस्कार के लिए हॉस्पिटल का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन अभी तक उनको शव नही मिल पाया है। हालांकि युवती के पिता ने बताया कि दो दिन में शव देने का आश्वासन दिया गया है, परंतु जिस तरह से पिछले 23 दिनों से अंतिम संस्कार के लिए युवती का शव इंतजार कर रही है वहीं दूसरी तरफ जिस मुस्लिम युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया उसके परिजन शव की मांग पर अड़े हुए हैं, आखिर इतनी बड़ी लापरवाही का मुख्य जिम्मेदार कौन है!

फिलहाल मृतक उमर के परिजनों का यह भी कहना है कि इस मामले को लेकर जल्द ही न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

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