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युवा रालोद ,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के नाना पूर्व विधायक यदुनाथ सिंह पटेल का निधन,शोक की लहर

युवा रालोद ,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के नाना पूर्व विधायक यदुनाथ सिंह पटेल का निधन,शोक की लहर

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जलालाबाद,शामली( उत्तर प्रदेश,ज़ीशान काज़मी)
प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद मिर्जापुर ,चुनार, नियामतपुर ग्राम के मूलनिवासी पूर्व विधायक श्री यदुनाथ सिंह पटेल जी ने बीती रात्रि अंतिम सांस ली। यह सूचना फैलते ही शोक की लहर दौड़ गयी । देहांत की सूचना रविन्द्र सिंह पटेल ने दी। युवा रालोद,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष,रविन्द्र सिंह ने दिवंगत पूर्व विधायक के जीवन पर प्रकाश डाला,उन्होंने बताया कि श्री यदुनाथ सिंह पटेल जी जीवनपर्यंत संघर्षों के रास्ते पर चलकर जनता की सेवा किये और जिले से लेकर प्रदेश तक अपने कीर्तिमान स्थापित किये, अपने सम्पूर्ण जीवन मे उन्होंने सादगी और ईमानदारी को ही अपना पथप्रदर्शक माना। छात्र जीवन से ही क्रांतिकारी विचार के यदुनाथ सिंह पटेल जी गरीबी और अन्याय को करीब से देखा और उसके खिलाफ संघर्ष करना प्रारंभ किया।बी एच यू, से मेकेनिकल में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते वक्त की इन्होंने छात्र राजनीति में हिस्सा लेना प्रारंभ किया और विज्ञान वर्ग के छात्रसंघ अध्यक्ष भी रहे। 1977 में मुग़लसराय क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में इन्होंने तब के चर्चित नेता व विधायक श्री जंगी यादव को कड़ा मुकाबला दिया और चुनाव हारे।

श्री जंगी यादव जी ने किसानों के मसीहा श्रधेय चौधरी चरण सिंह जी से यदुनाथ सिंह पटेल जी की मुलाकात करवाई और वर्ष 1980 में चुनार से ऐतिहासिक जीत दर्ज करके अपना नाम संघर्ष और गरीबो के मसीहा के रूप में दर्ज किया। 1980 और 1985 लोकदल तथा 1989 और 1991जनतादल से लगातार चार बार विधायक रहे और जीवनपर्यंत चौधरी परिवार के करीबियों में रहे। 1991 के नामांकन जुलूस को “लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड” में दर्ज करवाया। अपने राजनैतिक जीवन के तमाम उतार चढ़ाव के बाद भी यदुनाथ सिंह पटेल जी (जनतादल अ) के प्रदेश अध्यक्ष रहे। वर्ष 1996 में जनतादल सेकुलर से चुनाव लड़े और पूर्वप्रधानमंत्री देवगौड़ा की ऐतिहासिक रैली करवा कर विरोधियो में अपनी लोकप्रियता का लोहा मनवाया। 2002 में भाजपा + जनतादल यू से राजगढ़ से चुनाव लड़े और हारे, फिर 2007 में राष्ट्रीय लोकदल से चुनार से चुनाव लड़े और वही चुनाव श्री यदुनाथ सिंह पटेल जी के जीवन का अंतिम चुनाव रहा। लगातार गिरते स्वास्थ्य की वजह से सक्रिय राजनीति से अलग होते चले गए, लेकिन आज भी जब यदुनाथ सिंह पटेल जी का नाम जहाँ कहि भी आता है, लोग बड़े अदब और सम्मान के साथ लेते है। श्री यदुनाथ सिंह पटेल जी अक्सर कहा करते थे- “तू जमाना बदल”
जीवनभर किसान, गरीब, असहाय की मदद और सेवा करते हुए बीती में रात्रि में अंतिम सांस ली। श्री यदुनाथ सिंह पटेल जी की 4 पुत्रिया और एक पुत्र धनंजय सिंह है। इनके दूसरे दामाद श्री विनोद कटियार जी भोगनीपुर, कानपुर देहात से विधायक है।
देहांत की सूचना मिलने पर शोक की लहर दौड़ गयी,लोक डाउन के चलते ,एवम सोशल डिस्टेन्स का पालन हेतु शोक व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए युवा रालोद, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रविन्द्र सिंह पटेल, ने परिचितों को शोक संदेश के साथ देहांत की सूचना दी गयी।जैसे ही यह खबर शामली क्षेत्र में पहुंची


सूचना पाकर शुचिन्तको में गहरा शोक ,एवम दुख प्रकट किया।जलालाबाद निवासी एवम युवा राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महा सचिव अशरफ अली खान को मिली गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा कि- राजनेतिक संघर्ष के प्रतिबिम्ब पूर्व विधायक यदुनाथ सिंह पटेल के निधन से किसान मजदूर की एक ओर आवाज़ शांत हो गयी।ज़िला अध्यक्ष शामली योगेंद्र चेयरमैन, प्रदेश महा सचिव ऋषिराज राझड,ज़िला उपाध्यक्ष डॉ सऊद हसन, ज़िला महा सचिव रजनीश कोरी, अब्दुल गफ्फार चैयरमेन, ज़िला सचिव वसिउल्लाह खान ने विनम्र श्रद्धांजलि व परिजनों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है।
आज शाम के समय चुनार मिर्जापुर रायपुरिया घाट पर अंतिम संस्कार किया जायेगा।

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