Crime Health International Maharashtra National Politics Social States

पत्रकार मनोज दुबे पे पुलिस स्टेशन में हुवे जानलेवा हमले की सीसीटीवी फुटेज देने में आनाकानी कर रही घाटकोपर पुलिस। एम.एस.शेख

पत्रकार मनोज दुबे पे पुलिस स्टेशन में हुवे जानलेवा हमले की सीसीटीवी फुटेज देने में आनाकानी कर रही घाटकोपर पुलिस। एम.एस.शेख

घाटकोपर में पूर्व कार्यरत पुलिस निरीक्षक यूसुफ शेख पे बलत्कार जैसे गंभीर मामले में केस दर्ज हुवा था जिसकी खबर पत्रकार मनोज दुबे ने अखबार में लगाई थी जिस बात से नाराज होकर यूसुफ शेख ने पुलिस स्टेशन के अंदर पत्रकार दुबे पे जानलेवा हमला किया और गाली गलौच की ड्यूटी पे तैनात सभी पुलिस वाले सिर्फ तमाशा देखते रहे।
यूसुफ शेख ने अपनी पहचान और पावर का गलत इस्तेमाल कर पत्रकार मनोज दुबे पे फ़र्ज़ी केस बना दिया।

निलंबित रहने के बाद भी घाटकोपर के कुछ पुलिस वाले उसकी सहयता कर रहे है।
पत्रकार मनोज दुबे ने पत्र और आरटीआई के माध्यम से घाटकोपर पुलिस स्टेशन से 12 जून हो हुवी इस घटना की सीसीटीवी फुटेज मांगी थी जो अभी पत्रकार दुबे को नही दी जा रही है।यूसुफ शेख की अर्जी पे तुरंत केस बनाया गया और पत्रकार दुबे की अर्जी पे अभी तक कोई करवाई नही की गई है।

पत्रकार दुबे ने पत्र द्वारा इस बात की जानकारी गृहमंत्री अनिल देशमुख, पुलिस महासंचालक, पुलिस कमिश्नर,अपर पुलिस आयुक्त, डीसीपी दहिया को दी है अब देखना है पत्रकार की आवाज़ दबाने में कुछ पुलिस वाले लगे है उच्च अधिकारी दुबे को इंसाफ देते है कि नही।


पत्रकार दुबे के मुताबिक उनपे हुवे हमले की सारी रिकॉर्डिंग सीसीटीवी में कैद है पुलिस स्टेशन के गेट के बाहर लगे कैमरे,स्टेशन हाउस के अंदर के कैमरे ,पुलिस निरीक्षक लांडगे के केबिन के कैमरे में सब रिकॉर्ड है फुटेज के आधार पर पुलिस करवाई करे और जुठे केस में फसाने वाले यूसुफ शेख पे करवाई की जाए।
अब देखना है पत्रकार मनोज दुबे को घाटकोपर पुलिस द्वारा सभी कैमरे की फूटेज दी जाती है या कैमरे बंद होने की बात बताई जाती है दुबे ने अनुसार कुछ महीनों पहले उनको आरटीआई में जबाब दिया गया था घाटकोपर पुलिस स्टेशन में 26 कैमरे लगे है और सभी कैमरे चालू है।

कैमरे के रेकॉर्डिंग के अनुसार पता चल जाएगा कि एक आरोपी निलंबित पुलिस उपनिरीक्षक पुलिस स्टेशन में किस तरह गुंडई करता रहा और सभी पुलिस वाले तमाशा देखते रहे जब एक पुलिस स्टेशन में पत्रकार सुरक्षित नही है तो इन पुलिस वालों से क्या उम्मीद की जाए।
पत्रकार दुबे ने बताया कि उनको भारतीय संविधान पे पूरा भरोसा है और सत्य परेशान हो सकता है पराजित नही।

पत्रकार दुबे ने बताया कि अगर उनको अपर पुलिस आयुक्त और डीसीपी द्वारा न्याय नही मिला तो वो फ़र्ज़ी एफआईआर को हाई कोर्ट में रद करवाने के लिये अपील दाखिल करेगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *