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चेन्नई के वॉलियंटर के साइड-इफेक्ट के दावे को सीरम ने नकारा 100 करोड़ हर्जाने की दी धमकी

चेन्नई के वॉलियंटर के साइड-इफेक्ट के दावे को सीरम ने नकारा 100 करोड़ हर्जाने की दी धमकी


मिलन शाह मुम्बई।
चेन्नई.
वैक्सीन टीका बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (सीआईआई) ने कोविड-19 के संभावित टीके के परीक्षण में शामिल एक व्यक्ति (वॉलंटियर) के आरोपों को खारिज कर दिया। कंपनी ने गलत आरोप लगाने को लेकर भारी-भरकम जुर्माना वसूलने की भी धमकी दी है।

व्यक्ति ने आरोप लगाया कि टीका लगवाने के बाद उसे तीव्र मस्तिष्क विकृति, मस्तिष्क को प्रभावित करने वाली क्षति अथवा रोग का सामना करना पड़ा है और सभी जांचों से पुष्टि हुई है कि उसकी सेहत को टीका परीक्षण से नुकसान हुआ है। इस व्यक्ति को एक अक्टूबर को टीका लगाया गया था। व्यक्ति ने सीरम इंस्टीट्यूट तथा अन्य से पांच करोड़ रुपए क्षतिपूर्ति की मांग की है। उसने परीक्षण पर रोक लगाने की भी मांग की है।

(सीआईआई) ने कोविड वैक्सीन परीक्षण में शामिल एक प्रतिभागी को लेकर एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि वैक्सीन परीक्षण और प्रतिभागी की चिकित्सा स्थिति का कोई संबंध नहीं है।

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने एक बयान में कहा, ‘‘नोटिस में लगाये गए आरोप दुर्भावनापूर्ण और गलत है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया उक्त व्यक्ति की चिकित्सा स्थिति के प्रति सहानुभूति रखता है, लेकिन टीके के परीक्षण का उसकी स्थिति के साथ कोई संबंध नहीं है। कंपनी ने कहा कि वह व्यक्ति अपने स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के लिए गलत तरीके से टीके को जिम्मेदार बता रहा है। कंपनी ने कहा कि वह ऐसे आरोपों से अपना बचाव करेगी और गलत आरोप के लिए 100 करोड़ रुपए तक की मानहानि का दावा कर सकती है।

पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और फार्मास्युटिकल कंपनी एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर कोविड-19 टीका कोविशील्ड बनाने के लिए गठजोड़ किया है। सीरम इंस्टीट्यूट भारत में इस टीके का परीक्षण भी कर रही है।✍🏻

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