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प्रत्येक वर्ष 3 दिसम्बर को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा पुरे विश्व मे दिव्यांग दिवस दिव्यांग व्यक्तियो के अंतराष्ट्रीय दिवस के रूप मे मनाया जाता है।

प्रत्येक वर्ष 3 दिसम्बर को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा पुरे विश्व मे दिव्यांग दिवस दिव्यांग व्यक्तियो के अंतराष्ट्रीय दिवस के रूप मे मनाया जाता है।

अनिल सकपाल 

प्रत्येक वर्ष 3 दिसम्बर को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा पुरे विश्व मे दिव्यांग दिवस दिव्यांग व्यक्तियो के अंतराष्ट्रीय दिवस के रूप मे मनाया जाता है।

सन् 1992 के बाद से विश्व दिव्यांग दिवस दिव्यांगजन बंदुओ के प्रति करूणा और दिव्यांगजन बंधुओ के मुद्दो को बढ़ावा देने और उन्हें अपने आत्मसम्मान, का आधिकार मिले और दिव्यांगजन बंधुओ को बेहतर जीवन के लिए समर्थन प्रदान करने के लिए एक उदेश्य के साथ मनाया जा रहा है ।

इसके पीछे मनाने का मूल उदेश्य यह भी है की दिव्यांगजन बंधुओ की जागरूकता राजनितिक वित्तीय और सामाजिक सांस्कृतिक जीवन के हर पहलू मे दिव्यांगजन बंधुओ को लिया जाना चाहिए।

इस दिन के प्रत्येक वर्ष कुल मिलाकर एक खास मुद्दे पर ध्यान दिया जाता है पुरे विश्व मे दिव्यांग दिवस को मुख्य विषय के रूप मे दिव्यांगजन बंधुओ की सक्रीय और समाज के जीवन और विकास मे पुरी तरहा से भाग लेने के लिए और उन्हे अन्य नागरिको के बराबर पूरा आधिकार देने के लिए,साथ ही मनुष्य के आधिकार के रूप मे पारिभाषित किया जाता है जो की पूर्ण भागीदारी समानता और सामाजिक एवम् आर्थिक विकास से उत्पन्न लाभ मे बराबर का हिस्सा आदि सम्बंधित है।

महाराष्ट्र मुंबई शहर में बृहनमुंबई महानगरपालिका की तरफ से किसी भी योजना का दिव्यांगजनो को लाभ इसलिए नही दिया जाता है जैसे घर घंटी, दिव्यांग स्टॉल,व्हील चेयर साइकिल, झेरोक्स मशीन,साइडविल स्कूटर, पेंशन योजना, दिव्यांगजन बंधुओ को कोई सहारा दिया जा रहा हो बल्कि इसलिए दी जाती है ताकि वे स्वावलंबी बन सके। समाज मे उनकी अपनी खुद की संकीर्ण मानसिकता को छोड़कर दिव्यांग बच्चो को सबल बनना होगा तभी हम विकसित हो सकते है


अजय कुमार गुप्ता पत्रकार 

आज दिनांक 3 दिसम्बर सन् 2020 को अपनी तरफ एक छोटी सी शयारी लिख रहा हु ।

माना तन से मै दिव्यांग हु अक्ल से तुम भी तो हो हमारे सोच मे जो फासले है वजह मेरे बुलंद हौंसले है।

लाचार नही मैं सक्षम हु किसने कहाँ मैं तुमसे कम हु अपनी दृढता का सबूत हम देते आए है मेडल हमने कई लाए है

मज़ाक अगर तुम कभी हमारा उडाए होंगे याद रखना जिंदगी मे तुम भी कभी लडखडाए होंगे

एक चाह ही तो है जो जीवन की जरिया है अंगें तो बस उन्हें पूरा करने का एक जरिया है

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