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मैं चौधरी अफज़ल नदीम पेशे से पत्रकार अक्सर मैं कहता हूँ कि अगर इस देश की आत्मा का निर्माण महात्मा गॉंधी ने किया, इसके शरीर का निर्माण सरदार वल्लभ भाई पटेल ने किया तो इस देश की काया में प्राणों का संचार बाबा साहब द्वारा रचित संविधान की बदौलत ही हुआ है।

मैं चौधरी अफज़ल नदीम पेशे से पत्रकार अक्सर मैं कहता हूँ कि अगर इस देश की आत्मा का निर्माण महात्मा गॉंधी ने किया, इसके शरीर का निर्माण सरदार वल्लभ भाई पटेल ने किया तो इस देश की काया में प्राणों का संचार बाबा साहब द्वारा रचित संविधान की बदौलत ही हुआ है।

देश को विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान सौंपने में सात सदस्यीय ड्राफ्टिंग कमिटी के अध्यक्ष बाबा साहब की भूमिका प्रणम्य है।
संविधान सभा की बहसें पढ़ने पर पता चलता है कि संविधान लिखने के लिए बनी सात सदस्यीय ड्राफ़्टिंग कमिटी के एक सदस्य ने इस्तीफ़ा दे दिया था, एक सदस्य की मृत्यु हो गई थी, एक सदस्य अमेरिका में थे, एक अन्य सदस्य सरकारी मुक़दमों में उलझें होने के कारण कमिटी के दायित्वों से विमुख थे, दो अन्य दिल्ली से बहुत दूर रहते थे तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण बैठकों में सक्रिय भूमिका नहीं निभा पाए। इस प्रकार पूरी कमिटी का अधिकांश भार अकेले बाबा साहब के ऊपर आ गया था और उन्होंने उस दायित्व को बख़ूबी पूरा भी किया। इसलिए सात सदस्यीय कमिटी के बावजूद संविधान के शिल्पकार की उपाधि बाबा साहब को ही मिली।
आज उनकी पुण्यतिथि है। समावेशी विकास के प्रबल पक्षधर व सामाजिक न्याय के अग्रदूत भारत रत्न बाबा साहब भीम राव अंबेडकर जी को कृतज्ञ राष्ट्र का सादर प्रणाम।

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