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वरिष्ठ पत्रकारों का प्रतिनिधि मंडल राष्ट्रपति को सोंपेंगा ज्ञापन

वरिष्ठ पत्रकारों का प्रतिनिधि मंडल राष्ट्रपति को सोंपेंगा ज्ञापन

नई दिल्ली। आगामी 12 दिसम्बर को आम भारतीयों की ओर से देश के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के वरिष्ठ पत्रकारों का एक प्रतिनिधि मंडल महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी से नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में मुलाकात करने जा रहा है। प्रतिनिधि मंडल में शामिल वरिष्ठ पत्रकार संवाद सिंधी के एडिटर इन चीफ श्रीकांत भाटिया, इन दिनों प्रकाशन समूह के प्रधान संपादक एस एम आसिफ, समाचार पोस्ट के संपादक सुशील वकील, सहारा समय उर्दू के पॉलिटिकल एडिटर हलीम खान, दौर-ए-जदीद के एडिटर इन चीफ तारिक़ रजा, रिलेशन ऑफ़ इंडिया के समाचार संपादक अशोक कुमार निर्भय, वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार विनोद तकियावाला स्वतंत्र पत्रकार शैलेश तिवारी, अर्जुन पुरी, अफजल नदीम और दैनिक भास्कर के राजनीतिक संपादक के पी मालिक के नेतृत्व में महामहिम राष्ट्रपति से मुलाकात करके उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे।

इस ज्ञापन में सर्वकालिक महानतम वैज्ञानिक श्याम सुंदर राठी के महाविज्ञान को धरातल पर उतारकर देशवासियों को एक साल में 10 पैसे प्रति यूनिट बिजली, तीन वर्षों में सबके लिए विशुद्ध पीने का पानी, पाँच वर्षों में 100 प्रतिशत जल, सिंचित कृषि भूमि, पांच वर्षों में देश को बाढ़ व सुखाड़ से मुक्ति, प्रदूषण, पर्यावरण एवं ग्लोबल वार्मिग मुक्त देश की व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध करेंगे। इस ज्ञापन में देश वासियों के लिए इन सभी सुविधाओं को प्रदान करने की मांग केंद्र सरकार से की जायेगी।

ज्ञापन के अनुसार सरकार देश पाँच हजार साल पुरानी जल भंडारण, विधुत उत्पादन, व जल सींचन व्यवस्था का आधुनिकिकरण करें। नदी बांध योजना के कारण अरबो-खरबों पेड़-पौधों के साथ लाखों घरों को होने वाली तबाही से देश वासियों को मुक्त किया जाए। वर्षा ऋतु में नदी नालों में आवश्यकता से अधिक पानी होने के कारण देश के अधिकतर हिस्से बाढ़ में डूब जाते है। कई राज्य में तो बाढ़ के कारण भयंकर तबाही होती है क्योंकि बाढ़ के उस पानी को रखने के लिए हमारे पास साधन नहीं है।

आज की जल भण्डारण व्यवस्था लगभग पांच हज़ार साल पुरानी है और उसकी क्षमता सीमित है। वैज्ञानिक राठी के मुताबिक भीमकाय टंकियां (पानी को संजोकर रखने का वैज्ञानिक विधि से बना पात्र) दे रहे हैं। जल बहुत शक्तिशाली है यह हम सभी जानते हैं और वैज्ञानिक जी पनबिजली बनाने की नई व्यवस्था अरविन्द कुमार बिजली उत्पादन प्रणाली दे रहे हैं। इस नई व्यवस्था से किसी भी स्थान पर पनबिजली बनाई जा सकती है। सरकार को सार्वजनिक व्यवस्था का आधुनिकीकरण करते हुए, उपरोक्त सुविधाएं देश वासियों को प्रदान करनी चाहिए। इसी सन्दर्भ में यूनिवर्स रिफॉर्म्स आर्गनाइजेशन (रजि.) के चेयरमैन एवं 30 वर्षों से शोधरत वैज्ञानिक श्याम सुंदर राठी विगत 25 नवंबर 2020 को लाल क़िले के प्रागण से विश्व की सबसे बडे विज्ञान की घोषणाएं कर चुके हैं।

श्याम सुंदर राठी के तीन नये अविष्कारों एमएसडी टैंक टेक्नोलॉजी, अरविंद कुमार पावर जेनरेशन सिस्टम और चतुष्कोणीय जल सिंचन प्रणाली को केंद्र सरकार द्वारा अविलंब धरातल पर उतार कर देशवासियों को उपरोक्त सारी सुविधाएं देने की व्यवस्था करनी चाहिए। इससे आम भारतीय की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आने के साथ साथ नई व्यवस्थाएं, प्रदूषण व ग्लोवल वार्मिंग से देश को मुक्त कर देगी। नदियों को नया जीवन मिल जायेगा। प्रतिनिधिमंडल के तमाम पत्रकारों का मानना है कि सरकार उन्हें उपयुक्त सम्मान से सम्मानित करें और उनकी सुरक्षा का उत्तर दायित्व ग्रहण करें।

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