National

करणी माता के मंदिर जाने वाले पैदल रास्ते को वन विभाग ने किया बंद, पुजारियों ने जताया विरोध।

करणी माता के मंदिर जाने वाले पैदल रास्ते को वन विभाग ने किया बंद, पुजारियों ने जताया विरोध।

मिलन शाह।

अलवर। अगर आप बाला किला स्थित करनी माता, चक्रधारी हनुमान मंदिर व धोली माँ के दर्शन के लिए पैदल रास्ते से जाना चाहते है। तो अब आप नहीं जा सकेंगे। शनिवार को वन विभाग ने किशन कुंड स्थित बाला किले में जाने वाले पहले गेट पर दो गार्डों को तैनात कर दिया है। ये गार्ड सुबह घूमने वाले लोगों के साथ साथ मन्दिर में पूजा करने वाले पुजारियों को भी नहीं जाने दे रहे है। जिससे पुजारियों में वनविभाग के अधिकारियों के प्रति रोष है। गेट पर तैनात गार्ड रमेश ने बताया कि यह आदेश उन्हें जिला कलेक्टर से मिले है। धोली माँ मन्दिर के पुजारी भारत शर्मा ने बताया कि रोज की तरह शनिवार को भी जब वह माँ की पूजा के लिए पैदल रास्ते से जाने लगे तो उन्हें गार्ड द्वारा पहले गेट पर ही रोक दिया गया। जब वह दूसरे रास्ते से बाइक द्वारा गए। तो वहां से भी उन्हें गार्ड ने उन्हें कार या विभाग की जिप्सी में जाने के लिए कहा और वे बिना पूजा किए बीच रास्ते से ही वापस आ गए। उन्होंने बताया कि पूर्व में सरकार द्वारा 3.50 करोड़ रुपए बाला किले के विकास के लिए दिए थे। जब सामान्य व गरीब लोगों को किले में जाने ही नहीं दिया जाएगा। तो इतनी बड़ी राशि को खर्च करने से भी क्या फायदा। वन विभाग द्वारा जिप्सी का किराया 1350 रुपये लिया जा रहा है। जो गरीब व्यक्ति के बजट से बाहर है। उन्होंने बताया कि पहले भी वनविभाग के अधिकारियों द्वारा धोली माँ के मंदिर में पक्षियों को चुगा डालने के लिए लगी टिनशेड को उखाड़ ले गए थे। जब पुजारियों ने इसका विरोध किया तो श्रममंत्री टीकाराम जूली के निर्देश पर वनविभाग के द्वारा दोबारा टीनशेड को लगाया गया। उन्होंने मन्दिर में पुजारियों के जाने के प्रतिबंध को जल्द ही हटाने की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *