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गुरु महिमा शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं,,,,,

 गुरु महिमा शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं,,,,,
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“मैं,,,कोरा कागज भर ना पाती,
पढ़ना,लिखना सीख ना पाती।
बिन कुछ जाने में रह जाती,
अगर साथ ना होते मेरे शिक्षक,
मै,, कोरा कागज भर ना पाती।।
अशिक्षा का अंधियारा छट जाती जब शिक्षक ज्ञान का दीप जलाते, मुश्किल सवाल मुझको जब भी घेरे,
शिक्षक,मुश्किल सवालों के सारे हल बतलाते।
महत्व ज्ञान का समझ ना पाती
अगर शिक्षक मुझको ना समझाते,
अगर साथ ना होते मेरे शिक्षक, मैं,,, कोरा कागज भर ना पाती॥
सही गलत में फर्क बताते, शिक्षक सच्ची राह दिखाते,
कभी प्यार से ,कभी डांटकर, शिक्षक मुझको पाठ पढ़ाते।
भला कहां, आज न कुछ बन पाती,
अगर साथ ना होते मेरे शिक्षक। मै ,,, कोरा कागज भर ना पाती ॥

माता, पिता के बाद है जिनका स्थान,
हाथों में है जिनके भविष्य की कमान।
जो अहसास दिलाते है,माता, पिता की तरह अपना हक,
वो है हमारे भविष्य निर्माता, शिक्षक/गुरु,,,।
दिए जो गुरु ने लायबा को संस्कार,,,,।
हे गुरु, समर्पित करती हूं,शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं के साथ,,,,,
प्रस्तुति,,,, लायबा काजमी
रुड़की डिग्री कालेज,रुड़की( हरिद्वार, उत्तराख

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