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बिजोड़ पतपेढ़ी मामला हाईकोर्ट ने याचिका रद्द करते हुए जांच के आदेश को दिया मंजूरी

बिजोड़ पतपेढ़ी मामला हाईकोर्ट ने याचिका रद्द करते हुए जांच के आदेश को दिया मंजूरी

कर्ज की रक्कम भरे बिना अलग अलग तरीके से ले रहे पैसे

निबंधक ने बिजोड़ और निराली पतपेढ़ी की जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट देने का दिया था निर्देश

मुंबई – इंद्रदेव पांडे

पतपेढ़ी के सदस्यों के नाम फर्जी तरीके से लोन लेकर ठाणे जिले के कल्याण के पास जमीन खरीदकर उसको डेवलपमेंट कर बेचे जाने का खुलासा हुआ है । लेकिन सदस्यों को इसकी जानकारी नहीं है पतपेढ़ी द्वारा किए जा रहे इस फर्जीवाड़े की विरोध में सहकारी संस्था के अपर निबंधक पुणे में शिकायत कर जांच करने की मांग की गई थी | इस की शिकायत के बाद अपर निबंधक ने मामले में जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया था | इस पर रोक लगाने के लिए दायर याचिका को मुंबई हाईकोर्ट रद्द कर दिया है | इससे एक बार फिर पतसंस्था के बकायेदार कर्जदारों में हड़कंप मचा हुआ है |

मुंबई में चलने वाले दी बेजोड़ पतसंस्था और निराली संस्था के शेयर होल्डर अनिल कुमार गुप्ता ने शिकायत कर बताया था की पतपेढ़ी संस्था के साथ-साथ संचालकों ने अन्य संस्थाओं के भी संचालन की जिम्मेदारी संभाल रखी है, जो कानूनन गलत है। इसके अलावा ग्राहकों के पैसे को अपने चिरपरिचितों व संस्था के खास सदस्यों के साथ सांठ गांठकर उनके नाम पर लोन दिखाते हुए उनके पैसों को निवास या संपत्ति के नाम पर निवेश तो कर दिया जा रहा है पर उन्हें दिया नहीं जा रहा है। इसी तरह का मसला निराली नामक सहकारी संस्था में शेयर होल्ड़रों के साथ घटित हुआ है, जिनके नाम से संस्था लाखों रुपए का लोन निकलवा कर बेजोड़ निवास में निवेश कर दिए गए और अब उन्हें बकाएदार बताया जा रहा है जबकि उन्हें जमीन का एक भी तुकड़ी मिला नहीं है। इस मामले में पुणे सहकारी संस्था के अपर निबंधक ने जांच करते हुए इस सन्दर्भ में सहकारी संस्था के जिला विशेष लिखापरीक्षक (ऑडिटर ) को इस सन्दर्भ में ऑडिट करने के साथ ही जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश सितंबर 2019 में दिया था | इस याचिका को लेकर बिजोड़ पतसंस्था के तरफ से मुंबई हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आदेश को रद्द करने की मांग किया था | इस मामले में हाईकोर्ट के न्यायाधीश मिलिंद जाधव ने मामले में सुनवाई करते हुए याचिका रद्द कर दिया है | इससे एक बार फिर बिजोड़ के संचालको द्वारा फर्जी तरीके से मंजूर किए गए कर्ज का खुलासा हुआ है | इस संदर्भ में बिजोड़ संस्था के मैनेजर उमेश मिश्रा से मोबाईल पर संपर्क किए जाने पर बताया की यह सब आरोप गलत है | दो से तीन लोग सिर्फ बकाएदार है बाकी के लोगो ने पैसा भर रहे है समय पर | कोर्ट ने याचिका रद्द नहीं किया है राज्य सरकार में मंत्रलाय तैयार नहीं हुआ था इसके लिए तीन महीने का समय दिया है |वंही इस संदर्भ में पतसंस्था के उपनिबंधक ने मामले में बकायेदार संचालको पर कार्रवाई करते हुए कर्ज वसूली करने का निर्देश पुनः दिया है |

बैंक के संचालको पर लगभग 10 करोड़ कर्ज बकाया

शिकायतकर्ता द्वारा निबंधक को दिए गए जानकारी अनुसार बिजोड़ पतसंस्था के संस्थापक रामशंकर गुप्ता ,पूर्व अध्यक्ष श्रीनाथ गुप्ता ,पतसंस्था के क़ानूनी सलाहकार और संस्थापक रामशंकर गुप्ता के बेटे एड शिवकुमार गुप्ता , मैनेजर उमेश मिश्रा,चंद्रपाल सिंह ,ललन प्रसाद गुप्ता ,आनंद गुप्ता ,छाया करगुंटकर, अखिलेश शुक्ला के ऊपर पतसंस्था का लगभग 10 करोड़ रुपए बकाया है | इसके बावजूद अलग अलग तरह से वेतन और कमीशन के नाम पर पैसे ले रहे है | लेकिन कर्ज का हप्ता नहीं भर रहे है | इसके कारण शिकायतकर्ता अनिल गुप्ता ने मामले में जांच कर इन लोगो पर सख्त कार्रवाई करने की मांग किया है |

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