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अलविदा! उर्दू के पंडित आनंद मोहन जुत्शी, गुलज़ार देहलवी।

अलविदा! उर्दू के पंडित आनंद मोहन जुत्शी, गुलज़ार देहलवी।


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जलालाबाद,शामली( उत्तर प्रदेश ज़ीशान काज़मी)
प्राप्त जानकारी के अनुसार
शाहजहांनाबाद की आन बान शान , पुरानी दिल्ली की रवादारी , वाजादरी, शीरीन ज़ुबान ,खुश मिजाज़ अखलाक के मालिक, गंगा जमुना तहजीब के अलम बरदार, आज इस दुनिया ए फ़ानी से रुखसत हो गए और मालिक ए हकीकी से जा मिले ।
इस अज़ीम मारूफ़ शायर के इन्तिक़ाल की खबर पर शायरों की दुनिया मे बेहद अफसोस के साथ खिराजेअक़ीदत पेश करते हुए कहा गया कि उर्दू अदब में बहुत बड़ा नुकसान हुआ है।

गंगा जमुना तहज़ीब के अलम्बरदार गुलज़ार साहब की ये खासियत थी कि वो अदना से अदना शाइर को भी बड़े ही संजीदगी के साथ सुनते थे,होंसलाफ़ज़ाई करते हुए हर अच्छे शेर पर इस अदा से दाद ए सुखन पेश करते थे कि शाइर की तबियत बाग़ बाग़ हो जाती थी।

स्वतंत्रता सेनानी,गंगा जमनी तहज़ीब के अलम्बरदार 1926 में पुरानी देहली के गली कश्मीर यान में पैदा हुए,12 जून 2020 नोयडा स्तिथ अपने नए आवास पर आखरी सांस ली।हुकूमत ए हिन्द की जानिब से निकलने वाला साइंस पर आधारित हिंदी मासिक पत्रिका,साइंस की दुनिया, के एडिटर भी थे।हिंदुस्तान के नामचीन शायरों में शुमार थे।
इस अज़ीम शायर की खिदमात को हमेशा याद किया जाता रहेगा।

गहरा रंजोगम अहसास के साथ मशहूर शायर वसीम राजुपुरी, जावेद आसी, चंद काज़मी, डॉ अम्बर आबिद, नुसरत मेहंदी, सैयद आबिद हुसैन, डॉ अज़हर हुसैन, शम्स देवबंदी, नवाजिश आलम खान, अल्ताफ खान मशल, अब्दुल हक़ सहर,डॉ सऊद हसन,जुनैद अख्तर कांधलवी, समीउल्लाह खान, मसरूर अहमद सिद्दीकी एडवोकेट, ज़ीशान काज़मी,डॉ परवीन कौशिक, रियाज़ सागर, क़ाज़ी नईम एडवोकेट, एस के जैन ,आमिर मेरठी, अलीम वज्दी, वगेरा की जानिब से खिराजे अक़ीदत पेश की गई।

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