पालघर(संवाददाता) : तारापुर औद्योगिक क्षेत्र की जी.आर. इंजीनियरिंग प्रा. लि. के प्रेसीडेंट वर्क्स टी.बी. ठाकुर के ‘श्रम और सेवा’ के 50 वर्ष पूर्ण होने तथा उनके 74 वें जन्मदिवस के अवसर पर बुधवार, 10 दिसंबर को कंपनी परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर कंपनी के सभागृह को आकर्षक रूप से सजाया गया और अपने अध्यक्ष के जन्मदिन पर कर्मचारियों में विशेष उत्साह देखा गया।इस समारोह की शुरुआत दीपप्रज्ज्वलन और स्वागत भाषण से हुई।इस दौरान कम्पनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि टी.बी. ठाकुर ने आधी सदी तक कम्पनी की प्रगति, अनुशासन, गुणवत्ता और मानवीय नेतृत्व को नई दिशा दी है। अपने सादगीपूर्ण स्वभाव, कठिन परिश्रम और टीमवर्क की भावना के कारण वे सभी कर्मचारियों के प्रिय बने हुए हैं।कार्यक्रम के दौरान कम्पनी प्रबन्धन ने श्री.ठाकुर का शॉल,श्रीफल,पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया।इस अवसर पर अनेक कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें हमेशा कम्पनी को आगे ले जाने, कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल बनाने और नई पीढ़ी को प्रशिक्षित करने में विशेष रुचि रही है। वे तकनीकी दक्षता, जिम्मेदारी और व्यवहारिक ज्ञान के चलते कम्पनी के सभी विभागों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
अपने सम्बोधन में सत्कारमूर्ति वरिष्ठ अध्यक्ष टी.बी. ठाकुर ने कहा कि कम्पनी के प्रति कर्मचारियों का विश्वास और साथ यही उनकी असली ताकत है। उन्होंने कहा कि
“मैंने हमेशा टीम वर्क को प्राथमिकता दी है, और यही कंपनी की सफलता का मूल आधार है। मैं आने वाली पीढ़ी को भी कम्पनी को नई ऊंचाइयों तक लेकर जाते देखना चाहता हूँ।”
इसके बाद कर्मचारियों ने केक काटकर उनका जन्म दिन मनाया।इस मौके पर कम्पनी के विभिन्न विभागों के कामगार- कर्मचारियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें पुराने सदाबहार गीत, नृत्य और समूह प्रस्तुति शामिल थी। इससे माहौल अत्यंत आनंददायी और उत्साहपूर्ण बन गया।
कर्मचारियों ने अपने संदेश-पत्रों और पोस्टरों के माध्यम से श्री. ठाकुर के प्रति आभार और शुभकामनाएँ व्यक्त कीं। कई कर्मचारियों ने भावुक होकर कहा कि श्री. ठाकुर ने सदैव सभी को अपने परिवार के सदस्य की तरह सहयोग दिया और कठिन परिस्थितियों में मार्गदर्शन किया।समारोह के अंत में प्रबन्धन तथा कर्मचारियों ने टी.बी. ठाकुर के स्वास्थ्य, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का समापन आत्मीयता, स्नेह और आपसी सम्मान के वातावरण में हुआ।
