



Reporter: Firoz Khan
अहमदाबाद के रानीप क्षेत्र में लिथो प्रेस कॉलोनी के पीछे रह रहे लगभग 130 हिंदू परिवार, जो पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से यहां निवास कर रहे हैं, प्रशासनिक लापरवाही और बुलडोज़र कार्रवाई की धमकियों के चलते अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।हाल ही में कलेक्टर कार्यालय ने इन परिवारों को नोटिस भेजकर कहा कि वे सरकारी भूमि पर बसे हैं और 7 दिनों के भीतर अपने दस्तावेज जमा कर जगह खाली करें—अन्यथा प्रशासन तोड़फोड़ (बुलडोज़र) कार्रवाई करेगा। इससे इलाके में डर और अस्थिरता का माहौल पैदा हो गया है।इसी दौरान, क्षेत्र के पास बहने वाले चंद्रभागा नाले को बिना किसी पूर्व सूचना के बंद कर कार्यवाही की गई। यही नाला कॉलोनी में रहने वाले सभी परिवारों के लिए गटर जल निकासी का एकमात्र साधन था। लेकिन कम्युनिटी या निगम द्वारा किसी वैकल्पिक व्यवस्था के बगैर नाले एवं गटर कनेक्शन काट दिए गए, जिससे गंदा पानी घरों और गलियों में भर गया है। इसके कारण गंभीर स्वास्थ्य संकट, बीमारियाँ और असहनीय दुर्गंध फैल रही है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि न तो नगर निगम और न ही प्रशासन ने इस आपातकालीन स्थिति में कोई राहत या समाधान उपलब्ध कराया। स्वच्छ भारत और विकास के अभियानों के बावजूद, क्षेत्र के गरीब नागरिकों को नज़रअंदाज़ किया गया है।
एडवोकेट शमशाद पठान और एडवोकेट इम्तियाज़ पठान ने आज क्षेत्र में आकर स्थिति का निरीक्षण किया। अब स्थानीय लोगों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि वे जल्द ही अहमदाबाद महानगरपालिका और कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे तथा यदि जरूरत पड़ी तो गुजरात हाईकोर्ट में भी याचिका दायर करेंगे।
यह संकट मात्र कुछ परिवारों का नहीं, बल्कि मानव गरिमा, विधिक अधिकार और प्रशासनिक उत्तरदायित्व का प्रश्न है।
मांगें:तत्काल गटर निकासी और स्वच्छता बहाल की जाए।
जब तक पुनर्वास, कानूनी सुनवाई और वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बनती, तोड़फोड़ (बुलडोज़र) कार्यवाही रोकी जाए।
प्रभावित परिवारों के स्वास्थ्य और रहन-सहन के लिये आपातकालीन सहायता व राहत जरूरी है।
संपर्क:
एडवोकेट शमशाद पठान
एडवोकेट इम्तियाज़ पठान
9727166289
(स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा साझा किया गया)
