अकोला में अभिभावकों के लिए ऐतिहासिक तआरुफ़ी शिविर, 15 से ज़्यादा रिश्ते तय मिल्लत मैरिज ब्यूरो और विदर्भ वेलफेयर एसोसिएशन की क़ाबिल-ए-तारीफ़ पहल

Shoaib Miyamoor

अकोला में अभिभावकों के लिए ऐतिहासिक तआरुफ़ी शिविर, 15 से ज़्यादा रिश्ते तय

मिल्लत मैरिज ब्यूरो और विदर्भ वेलफेयर एसोसिएशन की क़ाबिल-ए-तारीफ़ पहल

अकोला :

विदर्भ रीजन के मुसलमानों के दरमियान निकाह जैसे अहम और मुक़द्दस रिश्ते को एक पुरवक़ार, भरोसेमंद और शरई व समाजी क़द्रों के मुताबिक़ मंच फ़राहम कराने के मक़सद से “अभिभावकों के लिए प्रतिष्ठित तआरुफ़ एवं रहनुमाई शिविर–2025” का कामयाब इनइक़ाद गुरुवार, 25 दिसंबर को जश्न पैलेस, अकोला में किया गया। इस तारीखी प्रोग्राम का एहतेमाम मिल्लत मैरिज ब्यूरो, मुंबई और विदर्भ वेलफेयर एसोसिएशन, मुंबई के मुश्तरका तआवुन से हुआ।

 

इस शिविर का बुनियादी मक़सद आला तालीम-याफ़्ता, बाअख़लाक़ और ज़िम्मेदार नौजवान लड़के-लड़कियों के लिए मुनासिब रिश्तों की तलाश को आसान बनाना और वालदैन को एक ऐसा गंभीर, मुतमइन और क़ाबिल-ए-एतबार प्लेटफ़ॉर्म मुहैया कराना था, जहाँ वे बिना किसी हिचकिचाहट के आपसी गुफ़्तगू कर सकें और बेहतर फ़ैसले ले सकें। विदर्भ के मुख़्तलिफ़ अज़ला से बड़ी तादाद में वालदैन और सरपरस्तों ने इस शिविर में जोश-ओ-ख़रोश के साथ शिरकत की।

 

217 बायोडाटा, मुनज़्ज़म और शफ़्फ़ाफ़ निज़ाम :

मुंतज़्ज़िमीन के मुताबिक़, इस एक-रोज़ा शिविर में डॉक्टर्स, इंजीनियर्स, ग्रेजुएट्स, डिप्लोमा होल्डर्स, असातिज़ा, सरकारी व ग़ैर-सरकारी मुलाज़िमीन और ताजिरात से ताल्लुक़ रखने वाले कुल 217 बायोडाटा वसूल हुए। इन्हें मुख़्तलिफ़ कैटेगरीज़ में मुनज़्ज़म कर अलग-अलग टेबलों पर रखा गया। तर्बियत-याफ़्ता वालंटियर्स ने सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक वालदैन को बायोडाटा दिखाने, समझाने और रहनुमाई करने का फ़र्ज़ अंजाम दिया, जिससे पूरी अमलियात निहायत ही सुचारु और शफ़्फ़ाफ़ रही।

 

निकाह से क़ब्ल रहनुमाई और मशविरा बना ख़ास कशिश :

शिविर की एक अहम और क़ाबिल-ए-तारीफ़ जानिब निकाह से क़ब्ल रहनुमाई और मशविरा सत्र रहा, जिसमें वालदैन को शादी के समाजी, अख़लाक़ी, ख़ानदानी और नफ़्सियाती पहलुओं पर मुफ़ीद मशवरे दिए गए। इसी मुनज़्ज़म कोशिश का मुस्बत नतीजा यह रहा कि इस एक-रोज़ा प्रोग्राम से 15 से ज़्यादा निकाही रिश्ते तय हुए, जिसे शिरकत करने वालों ने बड़ी कामयाबी और ख़ुश-आइंद उपलब्धि क़रार दिया।

 

छह महीने की लगातार मेहनत, वसीअ पैमाने पर तब्लीग़ :

इस प्रोग्राम की कामयाबी के पीछे पिछले छह महीनों से की गई मुसलसल मेहनत शामिल रही। पोस्टरों, ज़ाती मुलाक़ातों और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के ज़रिए ज़बरदस्त तब्लीगी मुहिम चलाई गई, जिसके नतीजे में विदर्भ के कोने-कोने से वालदैन अकोला पहुँचे।

 

ख़ुसूसी मेहमान और मुंतज़्ज़िमीन की पुरवक़ार मौजूदगी :

मुंबई से मोहम्मद बुरहान अरब और कनीज़ आयशा अरब ख़ुसूसी मेहमान के तौर पर मौजूद रहे। वहीं विदर्भ वेलफेयर एसोसिएशन के सदर श्री काज़ी नाज़िमुद्दीन साहब, शेख महमूद सर, मोहम्मद ज़ुबैर कुरैशी, साक़िब सर और महफूज़ साहब की मौजूदगी ने प्रोग्राम की शान-ओ-शौकत में इज़ाफ़ा किया।

अकोला के मिल्लत उर्दू हाई स्कूल के असातिज़ा और इदारे के सदर श्री सरफ़राज नवाज़ खान साहब के ख़ुसूसी तआवुन को भी मुंतज़्ज़िमीन ने सराहा। प्रोग्राम के इंतज़ामात की ज़िम्मेदारी मॉडर्न इंग्लिश हाई स्कूल, अकोला के असातिज़ा और सीईओ श्री अजमत देशमुख ने निहायत ही ख़ूबसूरती से निभाई। इसके अलावा अब्दुल रहीम अरब साहब, ख़्वाजा इफ्तिख़ार अहमद साहब, जावेद इक़बाल खान और अनीस इक़बाल खान की ख़िदमात भी क़ाबिल-ए-तारीफ़ रहीं।

 

शिरकत करने वालों की तस्दीक़ और मुस्तक़बिल की ख़्वाहिश :

शिविर में शरीक वालदैन ने इस प्रोग्राम को वक़्त की ज़रूरत बताते हुए मुंतज़्ज़िमीन की कोशिशों की दिल खोलकर तारीफ़ की। साथ ही उन्होंने यह ख़्वाहिश भी ज़ाहिर की कि आइंदा विदर्भ के दूसरे शहरों में भी ऐसे पुरवक़ार, गंभीर और मक़सद-बरअरी तआरुफ़ी और रहनुमाई शिविर मुनाक़िद किए जाएँ, ताकि समाज में निकाह से मुताल्लिक़ मसाइल का सौहार्दपूर्ण और बामानी हल निकाला जा सके।

 

यह प्रोग्राम न सिर्फ़ समाजी ज़िम्मेदारी की बेहतरीन मिसाल बना, बल्कि समाज के लिए एक मुस्बत, उम्दा और प्रेरणादायक पैग़ाम भी छोड़ गया।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *