मुन्ना मुजावर
पुणे: अतीत की कुछ बातें
पुणे में पिछले कई दिनों से गैंगवार की घटनाएँ हो रही हैं। पिछले साल पूर्व नगरसेवक वनराज अंडेकर की हत्या कर दी गई थी। इस हत्या के बाद, अंडेकर गिरोह आक्रामक हो गया है। उन्होंने वनराज अंडेकर की हत्या करने वाले आरोपियों के परिवारों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। गणपति विसर्जन की पूर्व संध्या पर, पुणे के नाना पेठ में आयुष कोमकर की गोली मारकर और फिर लोहे की छड़ से वार करके हत्या कर दी गई।
आयुष, वनराज हत्याकांड के आरोपी गणेश कोमकर का बेटा था। इस हत्या के कुछ दिनों बाद, अंडेकर गिरोह ने वनराज हत्याकांड के आरोपी समीर काले के भाई गणेश काले की हत्या कर दी। उस पर नौ गोलियाँ चलाई गईं। इसके बाद, एक कोयते से वार करके उसकी हत्या कर दी गई। इन दो गैंगवार की घटनाओं के बाद, पुणे पुलिस ने अंडेकर गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
इससे पहले पुणे पुलिस ने अंडेकर गिरोह के सरगना बंडू अंडेकर के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया था। पुलिस ने उसकी आर्थिक तंगी पर लगाम लगाने का काम किया था। अब पुणे पुलिस ने अंडेकर गिरोह को एक और झटका दिया है। पुणे में अंडेकर गिरोह द्वारा अवैध रूप से बनाया गया वारकरी भवन ढहने लगा है। अंडेकर गिरोह एक बार फिर पुलिस के रडार पर आ गया है। भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ यह कार्रवाई शुरू हो गई है।
ज्ञात हो कि गणेश काले की हत्या की योजना जेल में ही बनाई गई थी। कुछ दिन पहले आयुष कोमकर हत्याकांड के मास्टरमाइंड कृष्णा अंडेकर को इलाज के लिए ससून अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसी दौरान गणेश काले के हत्यारों की कृष्णा से मुलाकात हुई थी। ज्ञात हो कि इसी मुलाकात के दौरान कृष्णा ने गणेश की हत्या की सुपारी दी थी। पुलिस इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और उनसे गहन पूछताछ कर रही है। इस बीच, पुणे पुलिस ने अंडेकर गिरोह द्वारा बनाए गए अनधिकृत वारकरी भवन पर भी कार्रवाई की है।
