अवैध वसूली का आरोप सिद्ध, उपनिरीक्षक व हेड कांस्टेबल निलंबित भ्रष्टाचार निरोधी हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद हुई सख्त कार्रवाई

Shoaib Miyamoor

अवैध वसूली का आरोप सिद्ध, उपनिरीक्षक व हेड कांस्टेबल निलंबित

 

भ्रष्टाचार निरोधी हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद हुई सख्त कार्रवाई

संवाददाता फरियाद अली

 

उ प्र बहराइच जनपद के थाना मोतीपुर क्षेत्र से एक गंभीर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता निजामुद्दीन पुत्र मुन्ना, निवासी बेगम पुरवा, मटेही कला, थाना मोतीपुर, ने पुलिस कर्मियों पर अवैध वसूली का आरोप लगाया था, जो गोपनीय जांच में सही पाया गया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी पुत्री की शादी के बाद मकान के सहन में बने गड्ढे को भरने के लिए वह 7 जनवरी 2026 की रात लगभग 11 बजे डॉक्टर कुनियाघाट से ठेला गाड़ी पर मिट्टी लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान उपनिरीक्षक अमरेश गिरी एवं हेड कांस्टेबल शैलेंद्र यादव, थाना मोतीपुर, ने ठेला गाड़ी रोककर थाने ले जाने की धमकी दी और अवैध खनन के झूठे मुकदमे में जेल भेजने की बात कहते हुए 30 हजार रुपये की मांग की।

 

डर और दबाव में आकर शिकायतकर्ता ने उधार लेकर 30 हजार रुपये उक्त पुलिसकर्मियों को दे दिए। इसके बाद उन्होंने देवीपाटन परिक्षेत्र, गोण्डा की भ्रष्टाचार निरोधी हेल्पलाइन (8467919487) पर शिकायत दर्ज कराई।

 

शिकायत मिलने पर पुलिस महानिरीक्षक, देवीपाटन परिक्षेत्र के भ्रष्टाचार निरोधी सेल ने मामले का संज्ञान लेते हुए गोपनीय जांच कराई। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद क्षेत्राधिकारी मिहींपुरवा द्वारा की गई विस्तृत जांच में भी आरोपों की पुष्टि हुई।

 

जांच में दोषी पाए जाने पर उपनिरीक्षक अमरेश गिरी और हेड कांस्टेबल शैलेंद्र यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, दोनों के विरुद्ध उ0प्र0 अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की (दंड एवं अपील) नियमावली–1991 के नियम 14(1) के अंतर्गत विभागीय कार्यवाही संस्थित कर दी गई है।

पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है और भ्रष्टाचार निरोधी हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों पर भविष्य में भी इसी प्रकार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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