गोवंडी बूथ पर 44 वर्षीय शिक्षिका को बताया गया कि उनके नाम पर पहले ही वोट डाला जा चुका है, जिससे वह हैरान रह गईं……….

मुंबई: 44 वर्षीय इतिहास शिक्षिका सुजाता सुब्रमण्यम को गुरुवार को दोपहर करीब 12 बजे गोवंडी के एम/ईस्ट वार्ड स्थित मुंबई पब्लिक स्कूल के मतदान केंद्र, बूथ नंबर 16 पर वोट डालने जाते समय एक बड़ा झटका लगा।
देवनार की निवासी सुजाता ने बूथ में पहली मेज पर बैठी एक महिला को अपना आधार कार्ड दिखाया। जब वह ईवीएम चलाने के लिए वोटिंग स्लिप लेने आगे बढ़ीं, तो उन्हें बताया गया कि उनके नाम पर पहले ही किसी और ने वोट डाल दिया है।
सुजाता ने बताया, “यह सुनकर मुझे अपने कानों पर विश्वास नहीं हुआ। मेरा आधार कार्ड, जो मेरी पहचान का प्रमाण है, मेरे पास ही था, फिर भी किसी और ने मेरे नाम पर वोट डाल दिया। मुझे पूरा यकीन है कि फर्जी मतदाता मुझसे मिलता-जुलता नहीं होगा।” लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। वह अपनी बात पर अड़ी रहीं और जानना चाहती थीं कि उनके नाम पर किसी और ने वोट कैसे डाल दिया।
सुब्रमण्यम ने आगे कहा, “अधिकारियों के पास कोई स्पष्टीकरण नहीं था। उन्होंने फोटो खिंचवाने से भी इनकार कर दिया। मैंने किसी तरह मतदान अधिकारी के पहचान पत्र की तस्वीर खींच ली। आखिरकार, एक महिला अधिकारी ने कृपा करके मुझे मतपत्र दिया। मैंने उनसे कहा कि वोट डालना मेरा संवैधानिक अधिकार है और वह मुझ पर कोई एहसान नहीं कर रही हैं। लेकिन मुझे तब और भी गहरा सदमा लगा जब मैंने देखा कि मतपत्र मेरे सामने सील भी नहीं किया गया था। अगर इसे कूड़ेदान में फेंक दिया जाए तो मुझे जरा भी आश्चर्य नहीं होगा।”
