महारेरा में फर्जी दस्तावेज से बना लीं इमारतें, अब डोंबिवली की 65 इमारतों पर चलेगा बुलडोजर, जानें पूरा मामला……..

कल्याण : अगले कुछ दिन में डोंबिवली के करीब साढ़े छह हजार परिवार बेघर होने वाले हैं। कल्याण-डोंबिवली मनपा में फर्जी दस्तावेज जमा कर महारेरा सर्टिफिकेट हासिल करने वाली 65 इमारतें कार्रवाई के घेरे में आ गई हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद इन इमारतों को जमींदोज किया जाएगा। डोंबिवली कोपर स्थित साई गैलेक्सी की बिल्डिंग के निवासियों की याचिका हाई कोर्ट से खारिज होने के बाद लोग हताश हो गए हैं।रहिवासियों का कहना है कि हमने लाखों रुपये का कर्ज लिया। राष्ट्रीयकृत बैंकों ने हमें घर खरीदने के लिए कर्ज दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया। मनपा को टैक्स का भुगतान किया। अब हमारी इमारतों को अनधिकृत घोषित करके हमें सड़कों पर लाने की कोशिश की जा रही है। दूसरी तरफ, हमारे साथ धोखाधड़ी करने वाला बिल्डर खुलेआम घूम रहा है। यहां के निवासियों ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है।2023 में मिला था नोटिस
कल्याण-डोंबिवली मनपा क्षेत्र में 65 इमारतों का मामला सामने आया था। बिल्डर ने झूठे दस्तावेज जमा कर महारेरा प्रमाणपत्र प्राप्त किया है। डोंबिवली (पूर्व) के आयरे रोड से सटे साई गैलेक्सी बिल्डिंग में 160 परिवार रहते हैं, जबकि बाकी 65 इमारतें, जो अनधिकृत घोषित हो चुकी हैं, उनमें 6,500 परिवार रहते हैं। साई गैलेक्सी बिल्डिंग को 2019 में तीन डिवेलपर्स ने बनाया था। इसके बाद डिवेलपर्स ने आधिकारिक दस्तावेज देकर 32 से 34 लाख रुपये में मकान बेच दिए। 2023 में निवासियों को पहली बार नोटिस मिला कि ये घर अवैध हैं। इस बारे में मनपा में पूछताछ करने पर उन्हें ठोस जवाब नहीं दिया गया।मुआवजे की उठ रही मांग
निवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री को हम पर ध्यान देना चाहिए। मराठी लोगों का इस्तेमाल केवल राजनीति के लिए किया जा रहा है। यहां रहने वाली महिलाओं ने रोते हुए बताया कि झूठे दस्तावेज बनाकर लोगों को मकान बेचकर करोड़ों रुपये कमाने वाले बिल्डरों, अधिकारियों और राजनेताओं पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। हमें मुआवजा दिया जाए। इस बीच, आखिरी उपाय के तौर पर निवासियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई। अब रहिवासियों ने मांग की है कि अगर कार्रवाई करनी है, तो पहले मुआवजा दिया जाए। कल्याण-डोंबिवली मनपा के अतिरिक्त आयुक्त योगेश गोडसे का कहना है कि इन बिल्डिंगों पर कार्रवाई शुरू की जाएगी।
दिवा की 52 अवैध इमारतों पर 15 दिन में चलेगा हथौड़ा
अगले दो सप्ताह में दिवा स्थित 52 अवैध इमारतों पर मनपा का हथौड़ा चल सकता है। मनपा की तरफ से पुलिस प्रशासन से बंदोबस्त की मांग की गई है।
उपायुक्त मनीष जोशी ने बताया है कि पुलिस सुरक्षा उपलब्ध होते ही कार्रवाई शुरू की जाएगी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने 54 इमारतों को अवैध ठहराते हुए उन्हें तोड़ने का आदेश दिया है। इनमें से दो इमारतों पर स्टे मिला है। मनपा अधिकारी इन इमारतों के लोगों से मिलकर उन्हें कोर्ट के निर्णय की जानकारी दे रहे हैं, ताकि कार्रवाई में आसानी हो सके। इन इमारतों में करीब 1,200 परिवार रहते हैं। ये इमारतें 2017 से 2021 के बीच बनी हैं। ज्यादातर निर्माण कोरोना काल में किया गया है।
बता दें कि ठाणे मनपा क्षेत्र के कलवा, मुंब्रा, दिवा और शिलडायघर में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हुआ है। निवासियों का आरोप है कि जब इमारतें बन रही थीं, उस समय मनपा प्रशासन और स्थानीय नेतागण बंद किए थे और अब खमिजाया हमें भुगतना पड़ेगा।
