मुंबई…राज्य में महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ रही हैं। इस पर मुख्यमंत्री को सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि भयमुक्त महाराष्ट्र बनाया जा सके। इन तीखे शब्दों में राज्य के सीएम और महायुति सरकार को घेरते हुए केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने पुणे की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि पीड़िता वैष्णवी हगवणे की आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। उसके माता-पिता से दो करोड़ रुपए की मांग की जा रही थी। दहेज की इस रकम के लिए उसे लगातार प्रताड़ित किया गया था। सभी संदिग्धों पर हत्या का मामला दर्ज करने के निर्देश पुलिस को दिए गए हैं। इस बीच उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच चल रहा आलमट्टी जलाशय की ऊंचाई बढ़ाने का विवाद ऐसा लग रहा है जैसे हिंदुस्थान और पाकिस्तान के बीच विवाद हो। उन्होंने जलाशय की ऊंचाई बढ़ाने का स्पष्ट विरोध किया और कहा कि इससे महाराष्ट्र के गांवों को खतरा है। उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर इस विषय पर निवेदन देने और कर्नाटक सरकार से समन्वय साधने की बात भी की।
डॉ. आंबेडकर के विचारों पर आधारित नेतृत्व की अपील
आठवले ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) की स्थापना हुई थी। अब पार्टी के विभिन्न गुटों को एकजुट होने की आवश्यकता है। सभी गुटों को एड. प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व में एक होना चाहिए। यदि इसके लिए मुझे मंत्री पद छोड़ना भी पड़े, तो भी मैं तैयार हूं, क्योंकि समाज का हित पद से बड़ा है।
२९ मई को मुंबई में भारत जिंदाबाद महारैली
आठवले ने बताया कि पाकिस्तानी आतंकवादियों के हमले के बाद हिंदुस्थान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया और पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। इस शौर्य का अभिनंदन करने के लिए आरपीआई की ओर से ‘भारत जिंदाबाद महारैली’ का आयोजन २९ मई को मुंबई में किया जाएगा।
