मुंबई पुलिस की गुन्हे शाखा कक्ष ७ (क्राइम ब्रांच यूनिट-7) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पिछले 20 वर्षों से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का नाम राजेश अर्जुन हातळकर है, जो साल 2006 के एक मामले में वांछित था।
आरोपी राजेश हातळकर पिछले लगभग 20 साल से अदालती सुनवाई में गैरहाजिर (फरार) चल रहा था। इसके बाद एस्प्लेनेड कोर्ट, मुंबई के माननीय अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी (37वें कोर्ट) ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
प्रेस नोट के अनुसार, जमानत पर रिहा होने के बाद पुलिस को चकमा देने के उद्देश्य से आरोपी अपना मूल घर छोड़कर दूसरी जगहों पर छिपकर रह रहा था। जब पुलिस टीम ने उसके ठाणे स्थित पते पर तलाश की, तो पता चला कि वह कई साल पहले ही वहां से जा चुका था।
गुप्त सूचना और तकनीकी जांच से मिली सफलता
आरोपी के मौजूदा ठिकाने के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं थी। इसके बाद क्राइम ब्रांच यूनिट-7 की टीम ने गोपनीय जानकारी जुटाई और उसका विश्लेषण किया। पुलिस ने मानवीय कौशल और तकनीकी जांच (टेक्निकल सर्विलांस) की मदद से आरोपी के सही ठिकाने का पता लगाया।
आखिरकार 02 अक्टूबर 2026 को पुलिस टीम ने रामचंद्र नगर, वैती वाड़ी, ठाणे (पश्चिम) इलाके में जाल बिछाकर आरोपी राजेश हातळकर को हिरासत में ले लिया और उसे गिरफ्तार कर लिया। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
इस सफल कार्रवाई को पुलिस आयुक्त श्री देवेन भारती, पुलिस सह आयुक्त (अपराध) श्री अनिल कुंभारे, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) श्री कृष्णकान्त उपाध्याय, पुलिस उपायुक्त (प्रकटीकरण-1) श्री नवनाथ ढवले और सहायक पुलिस आयुक्त (डी-पूर्व) श्री धर्मपाल बनसोडे के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। इस ऑपरेशन में क्राइम ब्रांच यूनिट-7 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्री अनिल ढोले, सहायक पुलिस निरीक्षक सुहास खरमाटे, धनाजी साठे, उपनिरीक्षक नामदेव परबळकर, अरुण सावंत और अन्य पुलिस कर्मियों ने मुख्य भूमिका निभाई।

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