मुंबई:मुंबई पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच), यूनिट-2 ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पिछले 36 वर्षों से फरार चल रहे एक आरोपी को गुजरात के वडोदरा से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की उम्र 59 वर्ष है और वह काफी समय से पुलिस को चकमा दे रहा था।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला एक भीषण डकैती और हमले से जुड़ा है। पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, एक 29 वर्षीय पुरुष शिकायतकर्ता अपनी दुकान के हीरे, सोने के आभूषण और नकदी पहुंचाने जा रहा था। जब वह 'पैनोरमा बिल्डिंग' (Panorama Building) के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने पहुंचा, तो 8 अज्ञात बदमाशों ने हथियारों (रिवॉल्वर और चॉपर) के बल पर उसे रोका। बदमाशों ने उस पर हमला कर घायल कर दिया और करीब 20,48,964 रुपये मूल्य के हीरे, सोने के गहने और नकदी लूट ली। इस संबंध में डी.बी. मार्ग पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
इस मामले की आगे की जांच क्राइम ब्रांच की यूनिट-2 को सौंपी गई थी। पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट (दोषारोप पत्र) दाखिल कर दी थी। हालांकि, मुकदमे की सुनवाई के दौरान 59 वर्षीय आरोपी लगातार अदालत में अनुपस्थित (गैरहाजिर) रहा। इसके बाद माननीय न्यायालय ने उसके खिलाफ एक स्थायी गैर-जमानती वारंट जारी किया और इसे तामील करने की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच यूनिट-2 को दी।
क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) और गुप्त सूचनाओं (सटीक इनपुट्स) के आधार पर आरोपी का पता लगाया। पुलिस टीम ने 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के वडोदरा जिले के 'पोर' गांव (Village-Por) में जाल बिछाकर आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पुलिस टीम की सराहना
इस सफल कार्रवाई को मुंबई के पुलिस आयुक्त श्री विवेक फणसकर, विशेष पुलिस आयुक्त श्री देवेन भारती, संयुक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) श्री लखमी गौतम और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) श्री शशि कुमार मीना के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। (नोट: प्रेस नोट में उल्लिखित पूर्व अधिकारियों के पदनाम के अनुसार मार्गदर्शन में) क्राइम ब्रांच यूनिट-2 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक श्री दिलीप तेजणकर, उप-निरीक्षक संकल्प मोकल और उनकी टीम (सावंत, घरत, सिंह, आव्हाड और प्रियंका क्षीरसागर) ने इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।

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