शहापुर तालुका की सरकारी आदिवासी आश्रमशाला में सनसनीखेज मामला सामने आया है। आश्रमशाला की 21 छात्राओं के साथ कथित तौर पर विनयभंग किए जाने की घटना से हड़कंप मच गया है। मामले में पुलिस ने आश्रमशाला के 51 वर्षीय कर्मचारी गणपत गवळी को गिरफ्तार किया है। आरोपी कर्मचारी को सेवा से निलंबित किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी पर छात्राओं के साथ कथित तौर पर अनुचित तरीके से स्पर्श करने का आरोप है। छात्राओं ने इस संबंध में अधिकारियों को जानकारी दी, जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची और कार्रवाई शुरू की गई।
अधीक्षक के खिलाफ भी शिकायत दबाने का आरोप
मामले में आश्रमशाला की अधीक्षिका गौरी सारसे पर भी छात्राओं की शिकायत को दबाने का आरोप लगाया गया है। जांच समिति ने घटना के लिए जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की है। समिति में सहायक प्रकल्प अधिकारी, कनिष्ठ शिक्षण विस्तार अधिकारी और मुख्याध्यापक का समावेश बताया गया है।
छात्राओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
आश्रमशाला में करीब 375 छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। घटना के बाद छात्राओं की सुरक्षा और आश्रमशाला में उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। साथ ही आश्रमशाला में सीसीटीवी कैमरे शुरू हैं या बंद, इसकी भी जांच की मांग उठ रही है।
छात्राओं, अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मामले की सखोल और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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