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आस्था और परंपरा का संगम: चंदन किले में उर्स 3 अक्टूबर से प्रारंभ

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आस्था और परंपरा का संगम: चंदन किले में उर्स 3 अक्टूबर से प्रारंभ

रिपोर्टर मुन्ना मुजावर

आस्था और परंपरा का संगम: चंदन किले में उर्स 3 अक्टूबर से प्रारंभ

बनवड़ी (तालुका कोरेगांव):

दरगाह हज़रत पीर दस्तगीर (रह.) बनवड़ी में उर्स का आयोजन इस वर्ष भी पूरे श्रद्धा और भव्यता के साथ किया जा रहा है। देवस्थान ट्रस्ट की अध्यक्ष शकीला पटेल ने एफ ए सी न्यूज के संवाददाता मुन्ना मुजावर से बातचीत में बताया कि उर्स का शुभारंभ 3 अक्टूबर से होगा, जबकि मुख्य उर्स का आयोजन 4 अक्टूबर को किया जाएगा।

 

हर साल की तरह इस बार भी राज्य के विभिन्न जिलों से लेकर विदेशों तक से लगभग एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। यह उर्स केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, भाईचारे और परंपरा का जीवंत संगम माना जाता है।

 

श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं

 

देवस्थान ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रबंध किए गए हैं।

 

पार्किंग की व्यवस्था बड़े पैमाने पर की गई है, ताकि वाहनों की आवाजाही में बाधा न हो।

 

पेयजल की सुविधा के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

 

सुरक्षा और स्वच्छता के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोग से पुख़्ता इंतज़ाम किए गए हैं।

 

 

आस्था का अद्वितीय केंद्र

 

दरगाह हज़रत पीर दस्तगीर (रह.) की दरगाह न केवल महाराष्ट्र बल्कि देश-विदेश में भी प्रसिद्ध है। यहां हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की आस लेकर आते हैं।

 

अध्यक्ष शकीला पटेल ने कहा, “हमारी कोशिश है कि कोई भी श्रद्धालु किसी भी प्रकार की असुविधा महसूस न करे। उर्स का मक़सद केवल धार्मिक रस्में निभाना ही नहीं, बल्कि भाईचारे, सद्भाव और इंसानियत का संदेश फैलाना भी है।”

 

3 और 4 अक्टूबर को आयोजित यह उर्स इस बार भी धार्मिक आस्था और परंपरा का अद्वितीय संगम साबित होगा।

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