लियाकत शाह
जलगांव.
जलगांव के अजिंठा चौक के भंगार बाजार की 117 दुकानें 30 सितंबर को महानगरपालिका की कार्रवाई में गिराए जाने का दावा करते हुए प्रभावित दुकानदारों को न्याय दिलाने के लिए कड़ा रुख अपनाया है. सामाजिक कार्यकर्ता फारूक शेख ने 10 अक्टूबर को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को निवेदन देकर तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है.
निवेदन के अनुसार, यह बाजार पूर्व नगरपालिका द्वारा दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया था और 1997 में 99 वर्ष की अवधि का प्रस्ताव मंजूर किए जाने का दावा है. इस मामले में अदालती कार्रवाई जारी होने का भी निवेदन में उल्लेख है. फारूक शेख का कहना है कि कार्रवाई के बाद हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) दिया है.
"दुकानें चली गई, अब इन परिवारों का गुजारा कौन चलाएगा?" यह सवाल उठाते हुए मांग की है कि हर दुकानदार की दुकान, माल के भंडार और कारोबार के नुकसान का अलग-अलग पंचनामा किया जाए तथा उचित मुआवजा दिया जाए. इसके अलावा पुनर्वास होने तक अस्थायी रूप से कारोबार के लिए जगह, रोजगार के लिए आर्थिक सहायता और उसके बाद स्थायी रूप से वैकल्पिक दुकानें उपलब्ध कराने की ठोस मांग भी की गई है.
कार्रवाई की निष्पक्ष जांच हो
फारूक शेख ने कहा, "117 दुकानें सिर्फ इमारतें नहीं हैं, इनके पीछे 117 परिवारों का रोजगार जुड़ा है. दुकानें तबाह होने के बाद इन परिवारों को बेसहारा नहीं छोड़ा जा सकता. मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास मिलने तक हम कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेंगे."
फोटो कैप्शन : जलगांव में अजिंठा चौक के भंगार बाजार की 117 दुकानें गिराए जाने से परिवारों को नुकसान भरपाई और पुनर्वास की मांग का कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को निवेदन देते हुए फारूक शेख, मुफ़्ती हारून नदवी और प्रभावित दुकानदार.


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