बाल विवाह दण्डनीय अपराध : जिलाधिकारी बहराइच
Fariyad Ali
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बाल विवाह दण्डनीय अपराध है: जिलाधिकारीब्यूरो रिपोर्ट : फरियाद अलीबहराइच 18 अप्रैल। अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह रोकथाम हेतु शुक्रवार को देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने कहा कि अक्षय तृतीया (आखा तीज) के अवसर पर बाल विवाह करने की रूढ़िवादी परम्परा समाज में प्रचलित है। जबकि किसी भी बालिका जिसने अपनी आयु 18 वर्ष पूर्ण न की हो एवं किसी भी बालक/युवा जिसने अपनी आयु 21 वर्ष पूर्ण न की हो, का विवाह कराया जाना प्रतिबन्धित है। बाल विवाह प्रतिषेध अनिधिनियम 2006 के अन्तर्गत बाल विवाह एक दण्डनीय अपराध है तथा बाल विवाह में प्रतिभाग करने वाले व्यक्तियों पर भी कानूनी कार्यवाही का प्राविधान किया गया है।डीएम ने कहा कि 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया को मद़देनज़र रखते हुए बाल विवाह के रोकथाम हेतु प्रत्येक ग्राम सभा के ग्राम प्रधान व चौकीदार को जागरूक कर दिया जाये ताकि ऐसे मामलों की जानकारी हो सके। डीएम ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने थाना क्षेत्रों में विवाह कराने वाली संस्थाओं, पुजारियों, पुरोहितो, मौलवी, काज़ियों से संवाद कर उन्हें जागरूक कर दें। थाना प्रभारी को यह भी निर्देशित किया गया कि अपने-अपने थाना क्षेत्र में जागरुकता अभियान भी संचालित करें।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दुर्गा प्रसाद, अध्यक्ष/सदस्य बाल कल्याण समिति सदस्य किशोर न्याय बोर्ड, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षाधिकरी, सहायक श्रमायुक्त, जिला कार्यक्रम अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, प्रभारी एस.जे.पी.यू/ए.एच.टी.यू, जिला प्रोबेशन अधिकारी व समस्त कार्मिक जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन, वन स्टाप सेन्टर बहराइच व स्वंयसेवी संस्था देहात व अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
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