मुंबई/बदलापूर:महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बदलापुर में चल रहे एक बड़े गैरकानूनी ह्यूमन एग एक्सट्रैक्शन (स्त्री-बीज) नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कस दिया है। इस रैकेट में आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब महिलाओं को पैसों का लालच देकर उनके शरीर से अवैध रूप से अंडाणु निकाले जा रहे थे। मामले में बड़ी वित्तीय अनियमितताएं और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका को देखते हुए ED ने बदलापुर, उल्हासनगर, नासिक और बारामती सहित 11 ठिकानों पर छापेमारी की है।
• 40 से ज्यादा महिलाओं का शोषण: जांच अधिकारियों के अनुसार, इस अवैध नेटवर्क के जरिए 40 से अधिक गरीब महिलाओं को निशाना बनाया गया है।
• एक महिला से 33 बार निकाले अंडाणु: इस रैकेट की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक ही पीड़ित महिला के शरीर से तब्बल 33 बार अंडाणु निकाले गए। कानूनन ऐसा करना महिला की जान को भारी खतरे में डालना है।
• कम पैसों का लालच: पीड़ित महिलाओं को प्रति चक्र (cycle) सिर्फ ₹25,000 से ₹30,000 दिए जाते थे, जबकि डॉक्टरों और एजेंटों का यह सिंडिकेट इन अंडाणुओं को IVF केंद्रों को लाखों रुपये में बेचकर भारी मुनाफा कमा रहा था।
• फर्जी दस्तावेजों का खेल: गिरोह द्वारा हर बार फर्जी आधार कार्ड और जाली मेडिकल रिकॉर्ड का इस्तेमाल करके अस्पतालों और नियमों को धोखा दिया जा रहा था।
भारत में लागू असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (Regulation) एक्ट, 2021 (ART कानून) के तहत:
1. कोई भी महिला अपने पूरे जीवनकाल (lifetime) में सिर्फ एक बार ही एग डोनेट (अंडाणु दान) कर सकती है।
2. इसके व्यावसायिक इस्तेमाल (कमर्शियल सेल) और इसके बदले किसी भी त

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