भिवंडी: एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए, भिवंडी तालुका पुलिस ने मुंबई-नासिक हाईवे पर येवई नाका के पास करीब 8.50 करोड़ रुपये की दवाइयों की कथित लूट का पर्दाफाश किया है। जांच में पता चला है कि जिस कंटेनर ड्राइवर ने खुद पर हमले और अपहरण का दावा किया था, वही इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और लूटा गया सारा माल बरामद कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, पतंजलि ट्रांसपोर्ट का एक कंटेनर नोएडा-गुरुग्राम से भिवंडी तालुका के पूर्णा स्थित एक गोदाम में लगभग 8.50 करोड़ रुपये की दवाइयां लेकर जा रहा था। यह खेप एक जानी-मानी फार्मास्युटिकल कंपनी की थी।
2 अक्टूबर की रात, जब कंटेनर मुंबई-नासिक हाईवे पर येवई नाका के पास पहुंचा, तो ड्राइवर सोमनाथ पाल ने शिकायत दर्ज कराई कि कुछ अज्ञात लोगों ने उस पर हमला किया, उसका अपहरण कर लिया और फिर कंटेनर व उसमें रखा सामान लेकर फरार हो गए।
पाल ने फोन पर ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक को भी इस घटना के बारे में बताया था। उसकी बात पर भरोसा करते हुए, मालिक ने उसे पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। इसके बाद भिवंडी तालुका पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। चोरी हुए सामान की भारी कीमत को देखते हुए, पुलिस ने डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस राहुल झलटे और सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर हर्षवर्धन बर्वे के मार्गदर्शन में जांच तेज कर दी।
तकनीकी जांच और पूछताछ के दौरान, पुलिस को ड्राइवर सोमनाथ पाल और कैरियर राम सिंह यादव की भूमिका संदिग्ध लगी। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिससे कथित लूट की साजिश का खुलासा हुआ।
पुलिस के अनुसार, ड्राइवर और कैरियर ने पांच अन्य साथियों की मदद से लूट की झूठी कहानी रची थी। इसके बाद जांचकर्ताओं ने इस मामले में योगेश कुमार जैसवार, मनीष पाल और शिव कुमार धुरिया को हिरासत में लिया।
जांच से पता चला कि कंटेनर को पालघर जिले के बोइसर में छिपाकर रखा गया था, जबकि दवाइयों को एक गोदाम में रखा गया था।
पुलिस ने लगभग 8.50 करोड़ रुपये की कीमत का पूरा सामान बरामद कर लिया और इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। फरार चल रहे दो आरोपियों की पहचान मोनू पाल और सुनील यादव के रूप में हुई है।
आगे की जांच जारी है।

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