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बिस्किट्स में जानवरों का चारा और दूध में डिटर्जेंट: FSSAI ने 3 बड़ी फूड कंपनियों पर शुरू की कानूनी कार्रवाई

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बिस्किट्स में जानवरों का चारा और दूध में डिटर्जेंट: FSSAI ने 3 बड़ी फूड कंपनियों पर शुरू की कानूनी कार्रवाई

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन को लेकर तीन बड़ी और नामी खाद्य कंपनियों के खिलाफ अभियोजन (Prosecution) के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत एक प्रमुख बिस्किट निर्माता कंपनी का लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिया गया है।


जांच के दौरान जिन कंपनियों में बड़ी गड़बड़ियां पाई गईं, उनकी पूरी जानकारी इस प्रकार है:


1. प्रियागोल्ड बिस्किट (Surya Food & Agro Ltd.)


• उल्लंघन: एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद जब FSSAI की टीम ने सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड के प्लांट का निरीक्षण किया, तो वहां मवेशियों (जानवरों) के चारे वाले चोकर (Cattle feed bran) का इस्तेमाल बिस्किट्स में फाइबर बढ़ाने के लिए कच्चे माल के रूप में किया जा रहा था।

• कार्रवाई: कारखाने में पाई गईं बोरियों पर साफ तौर पर 'मवेशियों के चारे के लिए' अंकित था, जो इंसानी उपभोग के लिए असुरक्षित है। इसके अलावा प्लांट में स्वच्छता और पेस्ट कंट्रोल की भारी कमियां पाई गईं, जिसके चलते FSSAI ने कंपनी का लाइसेंस निलंबित (Suspend) कर दिया है और मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है।


2. डोडला डेयरी (Dodla Dairy Ltd.)


• उल्लंघन: डोडला डेयरी के 'फुल क्रीम मिल्क' का जो सैंपल जांच के लिए लिया गया था, वह पूरी तरह फेल रहा। 'रेफरल फूड लैबोरेटरी' की अंतिम जांच रिपोर्ट में इस दूध के अंदर डिटर्जेंट और कास्टिक सोडा की मौजूदगी पाई गई है। साथ ही दूध में फैट की मात्रा भी तय मानकों से बेहद कम थी।

• कार्रवाई: सेहत के लिए इसे अत्यंत 'असुरक्षित और खतरनाक' श्रेणी में पाते हुए नियामक ने कंपनी और इसके मार्केटिंग से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के निर्देश दिए हैं।


3. यूईआईआर ऑर्गेनिक फूड्स (UEIR Organic Foods Pvt. Ltd.)


• उल्लंघन: 'ऑर्गेनिक' या सेंद्रिय (प्राकृतिक) उत्पाद के नाम पर बेचे जा रहे इनके पिवळ्या मनुका (पीली किशमिश) के सैंपल में तय सीमा से कई गुना ज्यादा हानिकारक कीटनाशकों के अवशेष (Pesticide residues) पाए गए।

• कार्रवाई: प्राकृतिक उत्पाद के नाम पर रसायनों का यह प्रयोग खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2006 के नियमों का सीधा उल्लंघन है, जिसके तहत कंपनी पर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

FSSAI ने स्पष्ट किया है कि आम जनता के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ या समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी कंपनियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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