हुक्का सेवा, शराब परोसने और क्लब गतिविधियों की वैधता जांचने की मांग; पुलिस अधिकारियों से कथित संबंधों के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की अपील...............
मुंबई: जुहू इलाके में स्थित द नाइन्स क्लब को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कुछ गंभीर आरोप सामने आने का दावा करते हुए संबंधित विभागों से तत्काल जांच की मांग की है। कार्यकर्ताओं के मुताबिक, उन्हें क्लब परिसर में कथित रूप से अवैध हुक्का सेवा, बिना अनुमति क्लब गतिविधियां और शराब/लिकर परोसने से संबंधित शिकायतें एवं जानकारी प्राप्त हुई हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि संबंधित अधिकारी अचानक निरीक्षण कर क्लब की सभी जरूरी लाइसेंस, परमिशन और कानूनी अनुपालनों की जांच करें। उनका कहना है कि यह भी सत्यापित किया जाना चाहिए कि प्रतिष्ठान को क्लब के रूप में संचालन की वैध अनुमति प्राप्त है या नहीं।
इसके अलावा कथित हुक्का सेवा की अनुमति, शराब परोसने के लिए वैध लाइसेंस, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस और आबकारी विभाग से संबंधित अनुमतियों सहित अन्य अनिवार्य नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी भी जांच की मांग की गई है।
कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रतिष्ठान से जुड़े कुछ लोगों के जुहू पुलिस स्टेशन के अधिकारियों से कथित अच्छे संबंध हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि वे किसी व्यक्ति, पुलिस अधिकारी या प्रतिष्ठान को दोषी घोषित नहीं कर रहे हैं, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।
‘पहले शिकायतें मिली थीं तो क्या कार्रवाई हुई?’
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया है कि यदि पहले भी कोई शिकायत प्राप्त हुई थी, तो क्या पुलिस या संबंधित विभागों ने निरीक्षण किया था? क्या किसी तरह का उल्लंघन सामने आया था? यदि उल्लंघन पाया गया था, तो उस पर क्या कार्रवाई की गई?
कार्यकर्ताओं ने जुहू, जेवीपीडी और अंधेरी पश्चिम इलाके में क्लब, हुक्का पार्लर या अन्य प्रतिष्ठानों को कथित संरक्षण दिए जाने संबंधी चर्चाओं की भी जांच की मांग की है। साथ ही, ‘रेट कार्ड’ या किसी कथित अवैध संरक्षण व्यवस्था के आरोपों की भी स्वतंत्र जांच किए जाने की मांग की गई है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुंबई पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले में निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि क्लब सभी नियमों का पालन कर रहा है तो जांच के बाद लगाए गए आरोप स्वतः स्पष्ट हो जाएंगे। वहीं, यदि कोई नियम उल्लंघन पाया जाता है तो कानून के अनुसार संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि सभी लाइसेंस और अनुमतियों का सत्यापन, अचानक निरीक्षण, पूर्व शिकायतों की जांच और उल्लंघन साबित होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित प्रतिष्ठान या अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए

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