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डाकिया वसूली कांड’! ग्राम कंडेला में खुलेआम लूट—गरीबों से ₹50 से ₹500 तक की वसूली, प्रशासन मौन?

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डाकिया वसूली कांड’! ग्राम कंडेला में खुलेआम लूट—गरीबों से ₹50 से ₹500 तक की वसूली, प्रशासन मौन?

डाकिया वसूली कांड’! ग्राम कंडेला में खुलेआम लूट—गरीबों से ₹50 से ₹500 तक की वसूली, प्रशासन मौन?


ब्यूरो रिपोर्ट फरियाद अली


उ प्र बहराइच। जनपद के कैसरगंज क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कंडेला से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी सेवा के नाम पर गरीब ग्रामीणों से खुलेआम अवैध वसूली किए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि डाक विभाग का एक कर्मचारी—जिस पर लोगों का भरोसा होना चाहिए—वही अब ग्रामीणों की जेब पर डाका डाल रहा है।


ग्रामीणों का कहना है कि कभी पासपोर्ट, कभी आधार कार्ड, कभी पैन कार्ड और कभी अन्य पहचान पत्रों के नाम पर मनमानी तरीके से पैसे वसूले जा रहे हैं। किसी से ₹50, किसी से ₹100, तो किसी से ₹500 तक लिए जा रहे हैं—वह भी बिना किसी रसीद या आधिकारिक आदेश के।


सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जब ग्रामीणों ने इस वसूली का आधार पूछा, तो संबंधित डाकिया कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया। सिर्फ इतना कहता रहा—“ऊपर से आदेश है।” आखिर ये ‘ऊपर’ कौन है? क्या यह केवल एक कर्मचारी की मनमानी है या फिर इसमें किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका है?


बताया जा रहा है कि हाल ही में सरकार द्वारा बड़ी संख्या में आधार कार्ड डाकघर के माध्यम से गांवों में भेजे गए हैं। लेकिन इनका वितरण भी अब कमाई का जरिया बना दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, डाकिया एक स्थान पर बैठकर हर कार्ड धारक से ₹50 वसूल रहा है जो पूरी तरह गैरकानूनी है।


स्थिति तब और संदिग्ध हो गई जब सवालों से घिरने पर डाकिया मौके से भाग निकला। इससे ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया है। लोग इसे सीधी-सीधी “लूट” करार दे रहे हैं।


 बड़े सवाल जो प्रशासन से जवाब मांगते हैं:

क्या किसी सरकारी आदेश में आधार/पैन/पहचान पत्र देने के लिए नकद वसूली का प्रावधान है?

अगर नहीं, तो यह वसूली किसके संरक्षण में हो रही है?

क्या इसमें उच्च अधिकारियों की मिलीभगत है?

क्यों अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई?

 ग्रामीणों की मांग: ग्राम कंडेला के लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन का रूप ले सकता है।


 अब देखना यह है कि बहराइच प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है—या फिर यह भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबा दिया जाएगा?

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