२८ वर्षों की उल्लेखनीय सेवा का गौरव; २६/११ आतंकी हमले की जांच से लेकर ‘ऑपरेशन मुस्कान’ तक निभाई अहम भूमिका
मुंबई। मुंबई के डी.एन. नगर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सचिन राजाराम गवस को उनकी २८ वर्षों की उल्लेखनीय पुलिस सेवा के लिए प्रतिष्ठित ‘अति उत्कृष्ट सेवा पदक’ से सम्मानित किया गया है। उनकी लंबी सेवायात्रा, गंभीर अपराधों की जांच में योगदान और मानव तस्करी के खिलाफ की गई कार्रवाई को इस सम्मान का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। उनकी इस उपलब्धि से मुंबई पुलिस दल का गौरव बढ़ा है।
२८ वर्षों की सेवा में कई गंभीर अपराधों का पर्दाफाश
सचिन गवस ने १ जनवरी १९९८ को पुलिस विभाग में अपनी सेवा शुरू की थी। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने हत्या, डकैती, जबरन चोरी, दुष्कर्म, अपहरण, फिरौती और मादक पदार्थों से जुड़े कई गंभीर अपराधों की जांच की। जटिल मामलों का वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण करना, साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचना और दबाव की परिस्थितियों में भी धैर्यपूर्वक जांच पूरी करना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषताएं रही हैं।
२६/११ आतंकी हमले की जांच में निभाई अहम भूमिका
गवस की पुलिस सेवा का एक महत्वपूर्ण अध्याय वर्ष २००८ के मुंबई आतंकी हमलों की जांच से जुड़ा है। इस संवेदनशील मामले की जांच के लिए मुंबई आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस ऐतिहासिक मामले में उनका योगदान उनकी उल्लेखनीय सेवा का अहम हिस्सा रहा है।
१५० से अधिक पीड़ित लड़कियों को कराया मुक्त
ठाणे ग्रामीण के मानव तस्करी विरोधी प्रकोष्ठ में कार्यरत रहते हुए सचिन गवस ने मानव तस्करी के खिलाफ कई अभियान चलाए। इन अभियानों के दौरान १५० से अधिक पीड़ित लड़कियों को वेश्यावृत्ति के चंगुल से मुक्त कराने और उनके सुरक्षित पुनर्वास की दिशा में प्रयास किए गए।
‘ऑपरेशन मुस्कान’ के अंतर्गत उन्होंने ३८९ लापता बच्चों को खोजकर उनके परिवारों तक पहुंचाने में योगदान दिया। इसके अलावा, सेवा के दौरान ३६ बांग्लादेशी नागरिकों से जुड़े अवैध निवास के मामलों में भी कार्रवाई की गई।
४५१ पुरस्कारों से सम्मानित, लगातार पांच वर्ष उत्कृष्ट सेवा
सचिन गवस की सेवा पुस्तिका में कुल ४५१ पुरस्कार दर्ज हैं। इनमें ४३४ नकद पुरस्कार, कुल २ लाख ७० हजार रुपये की राशि, आठ प्रशस्तिपत्र और नौ विशेष प्रशंसा पुरस्कार शामिल हैं।
वर्ष २००५ में उन्हें ‘बेस्ट ट्रेनी एंड स्वॉर्ड ऑफ ऑनर ऑफ द बैच’ सम्मान मिला। वर्ष २०१५ में पुलिस महासंचालक सम्मानचिह्न और जनवरी २०२४ में गुणवत्तापूर्ण सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी उन्हें सम्मानित किया गया।
अपराधों का पर्दाफाश करने के लिए उन्हें पुलिस महासंचालक स्तर पर तीन बार और मुंबई पुलिस आयुक्त की ओर से छह बार ‘बेस्ट डिटेक्शन ऑफ द मंथ’ पुरस्कार मिल चुका है। उनके गोपनीय सेवा प्रतिवेदन में वर्ष २०२०-२१ से २०२४-२५ तक लगातार पांच वित्तीय वर्षों में ‘आउटस्टैंडिंग’ दर्ज किया गया।
तमिलनाडु, राजस्थान, गुजरात और असम पुलिस ने भी विभिन्न राज्यों में अपराधियों को पकड़ने के अभियानों में उनके योगदान के लिए उनका सम्मान किया है।
निष्कलंक सेवा और कर्तव्यनिष्ठा की पहचान
सचिन गवस के सेवा रिकॉर्ड के अनुसार, उनके खिलाफ कोई न्यायालयीन या विभागीय जांच लंबित नहीं है और पिछले पांच वर्षों में उन्हें कोई सजा नहीं हुई है।
इससे पहले अपराध शाखा की यूनिट-१२, दहिसर में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्रवाई की थीं। वर्तमान में डी.एन. नगर पुलिस थाने के प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे सचिन गवस को मिला ‘अति उत्कृष्ट सेवा पदक’ उनकी दीर्घकालीन पुलिस सेवा, अपराध जांच में योगदान और कर्तव्यनिष्ठा का सम्मान है।




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