मुंबई: मुंबई पुलिस की दक्षिण विभाग साइबर पुलिस स्टेशन (गुण शाखा) ने एक ऐसे शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है, जो लोगों के डीमैट अकाउंट (Demat Account) हैक करके उनके कीमती शेयर्स बेच देता था और उन पैसों से कम कीमत वाले पेनी स्टॉक्स (Penny Stocks) खरीदकर धोखाधड़ी करता था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के पास से 2.86 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के शेयर्स फ्रीज (गोठवणे) करवा दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, यह घटना 10 अगस्त 2026 की है। एक अज्ञात शख्स ने इंटरनेट के माध्यम से शिकायतकर्ता (फरियादी) के डीमैट अकाउंट में उनकी अनुमति के बिना अनधिकृत रूप से प्रवेश (लॉगिन) किया। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित के यूजर आईडी और पासवर्ड का गलत इस्तेमाल करते हुए उनके खाते से 4,58,34,579 रुपये मूल्य के कीमती शेयर्स बेच दिए। इसके बदले में आरोपी ने पीड़ित के ही खाते से 1,71,60,032 रुपये के पेनी स्टॉक्स खरीदकर बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया। शिकायत मिलने के बाद दक्षिण साइबर पुलिस स्टेशन, मुंबई में मामला दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने पीड़ित के डीमैट अकाउंट में लॉगिन करने के लिए आवश्यक ओटीपी (OTP) हासिल करने का एक अनोखा तरीका अपनाया था। आरोपी ने पीड़ित महिला के ईमेल आईडी का एक्सेस प्राप्त किया और उससे जुड़े मोबाइल नंबर का गैरकानूनी तरीके से डुप्लीकेट सिम कार्ड (SIM Swap) निकाल लिया। इस सिम कार्ड की मदद से आरोपी ने ओटीपी हासिल कर पीड़ित के डीमैट खाते में सेंध लगाई और धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को 3 नवंबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी इस तरह के कई अपराधों में शामिल रह चुका है। उसके खिलाफ मुंबई के कई पुलिस स्टेशनों में मामले दर्ज हैं:
• सांताक्रूज पुलिस स्टेशन (दो अलग-अलग मामले)
• आजाद मैदान पुलिस स्टेशन
• अंधेरी पुलिस स्टेशन
इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है:
• अज्ञात लिंक या ऐप से बचें: किसी भी अनजान मोबाइल नंबर से आए लिंक या ऐप के जरिए शेयर मार्केट में कोई व्यवहार न करें।
• गोपनीय जानकारी न बदलें/साझा करें: अपने Demat/Trading अकाउंट का पासवर्ड, ओटीपी (OTP), ईमेल खाते और रिकवरी एक्सेस (Recovery Access) किसी के साथ भी शेयर न करें।
• शिकायत कहां करें: यदि आपके साथ कोई संदिग्ध व्यवहार या धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

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