धोराजी में मोहसिने आज़म कॉन्फ्रेंस और दस्तारबंदी का शानदार आयोजन।
दारुल उलूम मदरसा ए मिस्कीनियह की जानिब से मुनआकीद किया गया।
उलमाए किराम की रही खास मौजूदगी। 44 बच्चों ने सनद हांसील की।
संवाददाता : शोएब म्यानुर, धोराजी
धोराजी : राजकोट जिले के धोराजी शहर में तारीख 7 नवंबर 2026 को दारुल उलूम मदरसा-ए-मिस्कीनियह की जानिब से मोहसिने आज़म कॉन्फ्रेंस और दस्तारबंदी का शानदार आयोजन बड़ी शानो-शौकत और अकीदत के साथ मुकम्मल हुआ। इस मुबारक मौके पर बड़ी तादाद में उलमाए किराम, मशाइख, दानिशवर और शहर व आसपास के इलाकों की नामवर शख्सियात ने शिरकत की।
इस मौके पर अल्लामा सय्यद गुलाम गौष अलवी (प्रिंसिपल दारुल उलूम मदरसा-ए-मिस्कीनियह, धोराजी), अमीरे सुन्नी दावते इस्लामी अल्हाज शाकिर रिजवी (मुंबई), सय्यद अमीनुल कादरी (मालेगांव), मुबल्लिगे सुन्नी दावते इस्लामी एवं बुलबुले बागे मदीना नातख्वां कारी रिजवान कादरी (मुंबई), समेत कई उलमाए किराम की खास मौजूदगी रही।
इसके अलावा मदरसे के प्रेसिडेंट अफरोज लकडकुट्टा, वाईस प्रेसिडेंट सिराज घाया, सेक्रेटरी बाशित पानवाला, जॉइंट सेक्रेटरी रफीक तुंबी और ट्रस्टी इम्तियाज पोठियावाला, हमीद गोडील, नौशाद गोडील, भी मौजूद रहे।
महफिल में बुलबुले बागे मदीना कारी रिजवान कादरी ने अपने पुरअसर और रूहानी अंदाज में नात शरीफ पेश करके सामईन को झूमने पर मजबूर कर दिया और महफिल में चार चांद लगा दिए।
इसके बाद सय्यद अमीनुल कादरी ने मोहसिने आज़म की शान में पुरनूर बयान फरमाया। उन्होंने अपने खिताब में दीनी तालीम, इस्लामी तालीमात और मुख्तलिफ दीनी मसाइल पर रोशनी डालते हुए लोगों की रहनुमाई की।
वहीं अमीरे सुन्नी दावते इस्लामी अल्हाज शाकिर रिजवी ने अपने खिताब के दौरान कुरआन-ए-करीम की तफसीरात की रोशनी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मौजूदा दौर और उसके हवाले से अहम बातें पेश कीं। उन्होंने कुरआन शरीफ की तालीमात और उसकी रूहानी तफसीर के जरिए सामईन को इल्मी और दीनी रहनुमाई फराहम की।
कुल मिलाकर दारुल उलूम मदरसा-ए-मिस्कीनियह की जानिब से आयोजित यह मोहसिने आज़म कॉन्फ्रेंस और दस्तारबंदी का प्रोग्राम बेहद कामयाब और यादगार रहा। इस मौके पर उलमाए किराम के खिताबात और नातिया कलाम से पूरा माहौल रूहानियत और अकीदत से सराबोर नजर आया।
बयानात के बाद मदरसा-ए-मिस्कीनियह की जानिब से मदरसे में दिनी तालीम हांसील करने वाले कुल 44 बच्चों को जिनमें, 8 आलीम, 8 कुरान ए हाफीज़, 28 दर्ज ए किरात, की सनद दी गई और आए हुए ओलमा किराम के हाथों से उनकी दस्तारबंदी की गई। और सभी बच्चों को इनामात से नवाजा गया।
प्रोग्राम के आखीर में प्रेसिडेंट अफ़रोज़ लकडकुट्टा ने आए हुए सभी महेमानों का सुख्रिया अदा किया और प्रोग्राम को पाए तकमील पहूंचाया गया।

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