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दो हजार की नोटों और दोगुने रिटर्न का झांसा देकर 57 लाख की ठगी; अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार

Ravindra Nerkar | | — views
दो हजार की नोटों और दोगुने रिटर्न का झांसा देकर 57 लाख की ठगी; अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार

ओझर पुलिस की गुजरात और छत्तीसगढ़ में कार्रवाई; फर्जी नामों से घूम रहे आरोपियों से करीब 20 लाख रुपये जब्त

नाशिक: दो हजार रुपये की नोटें बदलवाने और ‘ट्रेड प्रॉफिट फंड’ (TPF) में निवेश पर दोगुना पैसा लौटाने का लालच देकर 57 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में ओझर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गुजरात और छत्तीसगढ़ में चलाए गए अभियान के दौरान आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस ने करीब 20 लाख रुपये भी जब्त किए हैं। आरोपियों में से दो अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी नामों का इस्तेमाल कर रहे थे। इस मामले में ओझर पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 194/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) में मामला दर्ज है।

नोटों का वीडियो दिखाकर जीता भरोसा...... पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने शिकायतकर्ता और उनके साथियों- दिंडोरी तहसील के चामदरी निवासी विश्वास नारायण बोरसे तथा पिंपलगांव बसवंत निवासी राजाभाऊ चंद्रकांत पाटील और सुजीत सुभाषराव मोरे—को निवेश पर दोगुनी रकम देने का झांसा दिया। आरोपियों ने दावा किया कि उनके पास बदलवाने के लिए दो हजार रुपये की नोटें उपलब्ध हैं और इस प्रक्रिया के लिए शुल्क भरना होगा। भरोसा दिलाने के लिए उन्होंने नोटें उपलब्ध होने का वीडियो भी दिखाया। इसके साथ ही ‘ट्रेड प्रॉफिट फंड’ के नाम पर निवेश का लालच दिया गया।

‘विशेष स्लॉट’ के बहाने तीन राज्यों में बुलाया... पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने विशेष स्लॉट बुकिंग और अन्य कारणों का हवाला देकर शिकायतकर्ता तथा उनके साथियों को गुजरात के गांधीनगर, राजस्थान के जैसलमेर और गोवा के पणजी बुलाया। वहां अलग-अलग समय पर नकद और बैंक खातों के माध्यम से रकम ली गई। जांच में कुल 57 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।

गुजरात में दो दिन डेरा, अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास गिरफ्तारी... फर्जी नामों और छिपाई गई पहचान के कारण आरोपियों तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती था। ओझर पुलिस ने दो अलग-अलग टीमें बनाकर गुजरात के सूरत, वडोदरा, गांधीनगर और अहमदाबाद तथा छत्तीसगढ़ के रायपुर में तलाश शुरू की। गुजरात पहुंची टीम ने लगातार दो दिन डेरा डालकर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। पुलिस के अनुसार, आरोपी फिर इसी तरह की ठगी की तैयारी में थे। तकनीकी विश्लेषण और गोपनीय सूचना के आधार पर जाल बिछाकर अहमदाबाद एयरपोर्ट परिसर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। दूसरी टीम ने रायपुर में कार्रवाई कर तीसरे आरोपी को पकड़ा।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है: 👉🏻शैलेश रमेश औटी, मूल निवासी नारायणगांव, जिला पुणे, वर्तमान निवासी पणजी, गोवा। वह संजय शर्मा नाम से घूम रहा था। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ पहले भी नाशिक रोड, घाटकोपर और म्हसवड, जिला सातारा में मामले दर्ज हैं।

👉🏻मोहम्मद निजामुद्दीन मुस्तफा, निवासी दिल्ली। वह मोहित ओबेरॉय नाम का इस्तेमाल कर रहा था।

👉🏻अश्विन हीरालाल पटेल, निवासी रायपुर, छत्तीसगढ़।

यह कार्रवाई नाशिक ग्रामीण पुलिस अधीक्षक डॉ. डी. एस. स्वामी, अपर पुलिस अधीक्षक विमला एम. और उपविभागीय पुलिस अधिकारी संजय बांबळे के निर्देश पर, ओझर पुलिस स्टेशन के प्रभारी पुलिस निरीक्षक महेश कुलकर्णी के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस टीम में सहायक पुलिस निरीक्षक नीलिमा डोळस, पुलिस उपनिरीक्षक रविंद्र खाडे और संकेत थोरात, हवलदार अजय मदने और दुर्गेश बैरागी, पुलिसकर्मी जितेंद्र बागुल, प्रसाद सूर्यवंशी, निलेश वाघ और भास्कर जाधव शामिल थे। तकनीकी विश्लेषण विभाग के हेमंत गिलबिले और प्रदीप बहिरम ने भी आरोपियों का पता लगाने में योगदान दिया।

मामले की आगे की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक नीलिमा डोळस कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों ने अन्य नागरिकों अथवा दूसरे राज्यों में इसी तरीके से ठगी की है या नहीं। ओझर पुलिस निरीक्षक महेश कुलकर्णी ने नागरिकों से अपील की है कि ‘ट्रेड प्रॉफिट फंड’, नोटें बदलवाने, पैसे दोगुने करने या विशेष आर्थिक व्यवहार के लिए स्लॉट दिलाने जैसे प्रलोभनों में न फंसें। किसी अनजान व्यक्ति को रकम देने से पहले दावे और व्यवहार की सत्यता जांचें। ठगी होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।

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