गांधीनगर (गुजरात) | 28 जुलाई 2026
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति का राष्ट्रीय अधिवेशन गुजरात की राजधानी गांधीनगर स्थित *उमिया फाउंडेशन सभागार* में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित इस राष्ट्रीय अधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग *850 पत्रकारों, संगठन के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों* ने सहभागिता की।
अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य *सम्पूर्ण भारतवर्ष में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू कराने का राष्ट्रीय संकल्प* रहा।
कार्यक्रम में गुजरात सरकार के कैबिनेट मंत्री कुँवरजी बावड़िया, राज्यमंत्री कांतिलाल अमरूतिया, विधायक धवलसिंह जाला*, विधायक अरविंदभाई पटेल, आम आदमी पार्टी गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इशुदान गढ़वी, पूर्व केंद्रीय मंत्री भरतसिंह सोलंकी, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता मनहर पटेल, *मुंबई से दिलशाद एस. खान अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता संपादक, दैनिक समाचार पत्र 'मुंबई हलचल'* सहित गुजरात एवं देश के विभिन्न राज्यों से आए पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता का विषय लोकतंत्र से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है, जो राजनीतिक सीमाओं से ऊपर है।
अधिवेशन में पूर्व सांसद, पूर्व राज्यमंत्री एवं निर्दलीय विधायक सहित कई गणमान्य लोगों ने संबोधन किया और पत्रकार सुरक्षा कानून की आवश्यकता, पत्रकारों के अधिकार एवं लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका पर अपने विचार रखे।
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष *जिग्नेश भाई कलावाडिया (पटेल)* ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून आज समय की आवश्यकता है। पत्रकार समाज की समस्याओं को सामने लाने और लोकतंत्र को मजबूत करने का कार्य करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होना आवश्यक है।
राष्ट्रीय महासचिव महफूज़ खान ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकार केवल एक पेशा नहीं है, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की जिम्मेदारी निभाने वाला माध्यम है। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए अपने लंबे संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से जंतर-मंतर पर आंदोलन, धरना-प्रदर्शन एवं पत्रकारों के मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाई गई।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह जी को पत्रकारों पर हो रहे अत्याचार, फर्जी मुकदमों एवं पत्रकार सुरक्षा से जुड़े विषयों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था।
महफूज़ खान ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल पत्रकारों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता, निष्पक्षता और जनहितकारी भूमिका को मजबूत करना भी है।
इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारी राकेश प्रताप सिंह परिहार ने संगठन के उद्देश्य और भविष्य की रणनीति पर अपने विचार रखे।
अधिवेशन में उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह, जयपुर से मनमोहन सिंह, छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष गोविंद शर्मा, बिहार से मनोज सिंह एवं सुनील चौधरी सहित विभिन्न राज्यों के पदाधिकारियों ने पत्रकार सुरक्षा कानून एवं संगठन विस्तार को लेकर अपने विचार रखे।
राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा तैयार प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए राष्ट्रीय अभियान, संगठन का राज्य एवं जिला स्तर पर विस्तार, पत्रकारों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना, ग्रामीण एवं डिजिटल पत्रकारों को संगठन से जोड़ना तथा पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे की रणनीति तय की गई।
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति ने संकल्प लिया कि देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अभियान को और मजबूत किया जाएगा।


Loading comments...