भिवंडी: भिवंडी तालुका पुलिस ने सात लोगों के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो खुद को पुलिसकर्मी और कॉपीराइट अधिकारी बताकर एक घी निर्माता से 2 लाख रुपये की वसूली कर रहे थे। उन्होंने घी में मिलावट का आरोप लगाते हुए उसे गिरफ्तार करने की धमकी दी थी। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य अभी भी फरार हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कुमार तायडे (35), दिनेश निकम (45), मंगेश देवधरकर (42), सुरेश चौगुले (42) और सोनू सिंह (30) के रूप में हुई है। फरार आरोपियों के नाम जावेद सिद्दीकी और प्रशांत नाइक हैं, जिनकी तलाश पुलिस कर रही है।
आरोपियों ने खुद को अधिकारी बताया
पुलिस के अनुसार, यह घटना 1 अक्टूबर को भिवंडी के सोनाले स्थित राजराजेश्वरी कंपाउंड में हुई। यहाँ मुकेश पटेल की 'कामधेनु' नाम की घी बनाने वाली इकाई (वेयरहाउस) है। सात आरोपी वहां पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी और कॉपीराइट विभाग का अधिकारी बताया।
उन्होंने पटेल पर मिलावटी घी बनाने का आरोप लगाया और उन्हें गिरफ्तार करने, कानूनी कार्रवाई शुरू करने तथा इस पूरी प्रक्रिया को लाइवस्ट्रीम करने की धमकी दी। इन धमकियों से डराकर, आरोपियों ने व्यवसायी से 2 लाख रुपये वसूल लिए।
ठगे जाने का एहसास होने पर, पटेल ने 27 अक्टूबर को भिवंडी तालुका पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई।
सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर हर्षवर्धन बर्वे के मार्गदर्शन में, पुलिस की एक टीम ने शिकायत की जांच की और अलग-अलग जगहों से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों को बाद में भिवंडी की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस अपनी जांच जारी रखे हुए है और फरार चल रहे दो आरोपियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

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