गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ होने के बावजूद, कैप्टन स्मित मच्छर ने हार नहीं मानी और 174 यात्रीओं की बचाई जान।
संवाददाता शोएब म्यानुंर मुंबई
मुंबई : कैप्टन स्मित मच्छर ने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान (FZ1073) में सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय देते हुए 174 यात्रियों की जान बचाई।
कैप्टन स्मित मच्छर के बारे में जानकारी देते हुए कैप्टन धवल पटेल ने मिडिया से बात करते हुए बताया कि।
कॉकपिट में खूनी संघर्ष और सूझबूझ
• घटना की तारीख: 30 सितंबर 2026।
• विमान और रूट: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 (दुबई से तेल अवीव)।
• घटना: उड़ान के दौरान सह-पायलट ने अचानक मुख्य भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे विमान 30,000 फीट से तेजी से नीचे गिरने लगा।
• बहादुरी का कदम: गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ होने के बावजूद, कैप्टन स्मित मच्छर ने हार नहीं मानी और बेहोश होने से पहले कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्री अंदर आ सके और हमलावर को नियंत्रित किया जा सका।
वैश्विक सराहना और सम्मान की मांग
• नेताओं की प्रतिक्रिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैप्टन स्मित के साहस की खुले तौर पर प्रशंसा की है।
• पीएम मोदी से बातचीत: प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉल के जरिए कैप्टन स्मित से बात कर उनका हालचाल जाना और उनकी बहादुरी को सराहा।
• राष्ट्रीय सम्मान: विभिन्न संगठनों और लोगों द्वारा कैप्टन स्मित को उनकी इस वीरता के लिए देश के सर्वोच्च सम्मान (जैसे अशोक चक्र) से सम्मानित करने की मांग की जा रही है।
• उपनाम की चर्चा: मीडिया में उनके उपनाम 'मच्छर' (सरनेम) और उनके गुजराती ब्रह्मक्षत्रिय मूल को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है।
धवल पटेल ने आगे बताया कि हम दोनों एक दोस्त हुआ करते थे वे पहले कैप्टन बना गये जब मैं कैप्टन बना उस वक्त स्मित मच्छर ने उनके हाथों से मुझे मेरे युनिफोर्म में पट्टी लगाई थी।
मेरे साथ उस समय मेरी पत्नी और मेरा बेटा भी उस पहली फ्लाइट में सफर कर रहे थे। मुझे और मेरी पत्नी को विश्वास नहीं हो रहा था की कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला हुआ है।

Loading comments...