मुंबई: मुंबई पुलिस ने गणेशोत्सव के समापन के बाद विसर्जित की गई मूर्तियों की गरिमा बनाए रखने और सार्वजनिक शांति सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। मुंबई पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (ऑपरेशंस) अकबर पठान द्वारा जारी इस आधिकारिक आदेश के अनुसार, विसर्जन के बाद आधी डूबी या चौपाटी (किनारे) पर आने वाली मूर्तियों की तस्वीरें खींचने, उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट करने या प्रसारित करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने से रोकने के लिए कदमपुलिस द्वारा जारी पत्र (मराठी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में) के मुताबिक, गणेश विसर्जन के बाद कई बार मूर्तियां हाई टाइड (ज्वार) के कारण वापस किनारे पर आ जाती हैं या पानी में तैरती हुई दिखती हैं। इसके बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के कर्मचारी इन मूर्तियों को ससम्मान इकट्ठा कर दोबारा विसर्जित करते हैं।आदेश में कहा गया है कि कुछ लोग इन परिस्थितियों में मूर्तियों की तस्वीरें या वीडियो लेते हैं और उन्हें इंटरनेट पर पब्लिश या सर्कुलेट करते हैं। इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं और सार्वजनिक शांति व कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत यह प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया गया है।आदेश की मुख्य बातें:प्रतिबंध: कोई भी व्यक्ति विसर्जन के बाद पानी में तैरती या किनारे पर आई मूर्तियों की तस्वीरें/वीडियो नहीं खींचेगा और न ही उन्हें सोशल मीडिया या किसी माध्यम पर पब्लिश या शेयर करेगा।समयावधि: यह आदेश 22 सितंबर 2026 से 26 सितंबर 2026 तक पूरे बृहन्मुंबई क्षेत्र में प्रभावी रहेगा।सजा
गणेश विसर्जन के बाद मूर्तियों की तस्वीरें खींचने और शेयर करने पर प्रतिबंध, मुंबई पुलिस का सख्त आदेश
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