कोल्हापुर:गणेशोत्सव के विसर्जन जुलूस के दौरान ध्वनि मर्यादा (लाउडस्पीकर के नियमों) का उल्लंघन करने और जुलूस को बिना किसी वजह के रोकने/देरी करने के मामले में अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने ट्रैक्टर मालिक अजित बाजीराव पाटिल को 1 साल के कारावास (जेल) और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह मामला साल 2016 का है, जब राजारामपुरी इलाके के 'गणेश तरुण मंडल' के विसर्जन जुलूस के दौरान नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया गया था। इस मामले में कोल्हापुर के जुना राजवाड़ा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। लंबे समय तक चली अदालती कार्रवाई के बाद अब कोर्ट ने दोषी को यह सख्त सजा सुनाई है।
इस मामले में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 और ध्वनि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए थे। आपको बता दें कि इस मामले में कोर्ट द्वारा संबंधित गणेश मंडल के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों को पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है।यह फैसला त्योहारों के दौरान नियमों का पालन न करने वालों और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों के लिए एक कड़ा सबक है।

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