रिपोर्ट फरियाद अली
यू.पी. रामपुर,। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की जेल से रिहाई के दौरान रामपुर में सियासी हलचल तेज हो गई। करीब 350 दिनों बाद जेल से बाहर आने की खबर के बीच आजम खां के बयान और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। जेल के बाहर सुबह से ही समर्थकों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी रही। इस दौरान आजम खां ने मीडिया से बातचीत में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “कहने को क्या कहेंगे... मुसलमान होने की सजा है।” उन्होंने आगे कहा कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बना दी, यही गुनाह हो गया और बच्चों के लिए स्कूल खोलना भी गुनाह बन गया। उनके इस बयान ने शिक्षा संस्थानों और उनके खिलाफ चल रहे मामलों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज कर दी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की रिहाई की प्रक्रिया शुरू हुई थी। दोनों की रिहाई के लिए रामपुर जिला जेल में रिहाई के परवाने पहुंचने की बात सामने आई। जेल प्रशासन की ओर से आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही थी। इसी बीच प्रवर्तन निदेशालय की टीम के जेल पहुंचने की खबर ने घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। ईडी की कार्रवाई को लेकर जेल परिसर और बाहर मौजूद समर्थकों के बीच हलचल बढ़ गई।
आजम खां के जेल से बाहर आने की खबर मिलते ही समर्थक उन्हें देखने और मिलने के लिए उत्साहित नजर आए। जेल के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। जैसे ही आजम खां बाहर आए, समर्थकों ने उन्हें घेर लिया। कुछ लोग उनसे मुलाकात करने की कोशिश करते दिखे, जबकि कुछ ने उनके समर्थन में नारे लगाए। इसी दौरान सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की खबर सामने आई। ईडी की कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद माहौल और गर्म हो गया। स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मियों की तैनाती रही और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
इस घटनाक्रम के बीच आजम खां का बयान राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया। उन्होंने अपनी यूनिवर्सिटी और स्कूलों का जिक्र करते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनके बयान को समर्थकों ने अपने नेता की नाराजगी के रूप में देखा, जबकि पूरे मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
आजम खां लंबे समय से कानूनी मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनके और उनके बेटे की रिहाई की प्रक्रिया के बीच ईडी की कार्रवाई की खबर ने रामपुर की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है। फिलहाल, ईडी की कार्रवाई से संबंधित आधिकारिक विवरण और आगे की कानूनी प्रक्रिया की पुष्टि के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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