जलगांव: अपराध के एक संदिग्ध को गिरफ्तार न करने के बदले पुलिस कर्मचारी के नाम पर ₹20,000 की रिश्वत मांगने के मामले में एक निजी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस कांस्टेबल महेश चौधरी को निलंबित कर दिया गया है और पुलिस अधीक्षक ने उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
यह पूरी कार्रवाई डिजिटल वॉयस रिकॉर्डिंग के आधार पर की गई है।
• मामला क्या है: भुसावल तालुका पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में संदिग्ध को अरेस्ट न करने के लिए अजय सनसोये नाम के एक निजी व्यक्ति ने शिकायतकर्ता से ₹20,000 की मांग की थी।
• कॉल रिकॉर्डिंग से खुलासा: कॉल पर हुई बातचीत से सामने आया कि यह रिश्वत पुलिस कांस्टेबल महेश चौधरी के लिए मांगी जा रही थी। अगस्त महीने में हुई इस बातचीत और डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर के सबूतों के आधार पर अजय सनसोये के खिलाफ केस दर्ज किया गया। हालांकि, इस मामले में रिश्वत की रकम का प्रत्यक्ष लेनदेन (हाथ में कैश लेना) नहीं हुआ था।
• पुलिस पर कार्रवाई: पुलिस प्रशासन ने कांस्टेबल महेश चौधरी के इस व्यवहार को सेवा नियमों का उल्लंघन माना है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी गई है, और रोजाना रिजर्व पुलिस इंस्पेक्टर के पास हाजिरी लगाने का आदेश दिया गया है।
फिलहाल इस मामले की आगे की कानूनी और प्रशासनिक जांच जारी है।

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