कैसरगंज अस्पताल में बवाल: शिकायत करने पर पत्रकारों को फंसाने की धमकी का आरोप
Shoaib Miyanoor
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कैसरगंज अस्पताल में बवाल: शिकायत करने पर पत्रकारों को फंसाने की धमकी का आरोपउ. प्र. बहराइच, 2 अप्रैल 2026कैसरगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर विवादों में घिर गया है। यहां तैनात अधीक्षक निशकांत सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि वे लगभग 25 वर्षों से इसी केंद्र पर तैनात हैं।मामला तब तूल पकड़ा जब भारतीय किसान यूनियन (भानु) के प्रदेश उपाध्यक्ष पत्रकार तौहीद आलम व स्थानीय पत्रकार सफीक अहमद ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को लेकर उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराई।सूत्रों के मुताबिक, शिकायत से नाराज अधीक्षक की ओर से कथित रूप से पत्रकारों को गंभीर धाराओं में फंसाने की धमकी दी गई। इस आरोप ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है।इतना ही नहीं, अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल के मुख्य गेट के पास स्थित एक कमरे में अलग से बैठकर इलाज किया जाता है, जहां कथित रूप से फीस ली जाती है।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायतें मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजय कुमार को दी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई।मामले को गंभीरता से लेते हुए 2 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी बहराइच को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में किसी पत्रकार के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज किया जाता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधीक्षक की होगी।जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें जिला अध्यक्ष धर्मचंद्र महेश, जिला उपाध्यक्ष ठाकुर सभाजीत सिंह, राष्ट्रीय सचिव चंद्रभान सिंह, अल्ताफ अहमद, मंडल मीडिया प्रभारी मोहम्मद अल्ताफ, राहुल गौतम और जाकिर अली सहित अन्य लोग शामिल रहे।अब सवाल यह है कि इतने गंभीर आरोपों के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है, या फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
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